अररिया, रंजीत ठाकुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने दस साल की मासूम बेटी की क्रूरतापूर्ण हत्या करने वाली कलयुगी मां को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे गंभीर जघन्य अपराध मानते हुए अपराधी को माता शब्द को कलंकित करने वाला करार दिया। उन्होंने 302 भादवि के तहत फांसी की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने 328 आईपीसी के अंतर्गत सात वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई। कोर्ट ने 201 भादवि के तहत पांच वर्ष सश्रम कारावास के साथ दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में जुर्माना की राशि अदायगी नहीं करने पर 18 माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने दस साल की मासूम बेटी की क्रूरतापूर्ण हत्या करने वाली कलयुगी मां को फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में दोषी मां को तब तक लटकाने का आदेश दिया है जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो जाती। यह सजा नरपतगंज के रामघाट कोशिकापुर वार्ड संख्या 5 की रहने वाली 35 वर्षीय पूनम देवी पति चंदन सिंह को दी गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पूनम देवी को दोषी करार दिया। यह मामला चौकीदार भगवान कुमार पासवान के बयान पर दर्ज कराया गया था।
जुलाई 2023 में हुई थी हत्या:
हत्या की घटना 10 जुलाई 2023 को हुई थी। पूनम देवी रामघाट कोशिकापुर वार्ड संख्या 5 में अपनी दस साल की बेटी शिवानी कुमारी के साथ रहती थी। उसके पति चंदन सिंह पंजाब में मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था। पति की गैर मौजूदगी में पूनम देवी का अवैध संबंध रूपेश कुमार सिंह से था। पूनम सिंह की दस साल की बेटी शिवानी ने 21 जून 2023 को अपनी मां को रूपेश कुमार सिंह के साथ अवैध संबंध बनाते हुए देख लिया था। शिवानी ने यह बात पिता को बता देने की बात कही थी।
