बिहार

मिशन इंद्रधनुष : अभियान की सफलता को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी

अररिया, रंजीत ठाकुर। जिले में मिशन इंद्रधनुष 5.0 अभियान का दूसरा चरण 09 से 14 अक्टूबर के बीच संचालित होगा. अभियान की सफलता को लेकर जिले में सभी जरूरी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. इससे पहले 11 से 16 सितंबर के बीच संचालित पहले चरण के अभियान की उपलब्धियों से उत्साहित स्वास्थ्य विभाग पूर्व की कमियों व खामियों को दूर करते हुए दूसरे चरण में अपने उपलब्धियों को और बेहतर बनाने के प्रयास में जुटा है. अभियान की सफलता को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों के बीच कार्य व दायित्वों का निर्धारण किया गया है. प्रखंड स्तर पर एमओआईसी, बीएचएम, बीसीएम को अभियान के पर्यवेक्षण का जिम्मा सौंपा गया है. सभी बीडीओ, एमओआईसी, सीडीपीओ व बीपीएम जीविका को इसके अनुश्रवण की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. अभियान की सफलता को लेकर जिलेभर में सघन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है.

शहरी क्षेत्र में 40 व ग्रामीण इलाकों में 954 सत्र निर्धारित-

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में जिले में कुल 1105 चिह्नित स्थानों पर टीकाकरण सत्र संचालित किये जायेंगे. अररिया व फारबिसगंज शहरी क्षेत्र में कुल 56 सेशन साइट निर्धारित किया गया है. वहीं ग्रामीण इलाकों में कुल 1049 साइट निर्धारित हैं. उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर से टीकाकरण से वंचितों बच्चे व गर्भवती महिलाओं की ड्यू लिस्ट तैयार की गयी है. इसके मुताबिक दो वर्ष तक के 14 हजार 531 व दो से पांच साल तक के कुल 03 हजार 200 बच्चे यानी कुल 17 हजार 731 लक्षित बच्चों को टीकाकृत किया जाना है. वहीं टीकाकरण के लिये कुल लक्षित गर्भवती महिलाओं की संख्या 3336 है. उन्होंने बताया कि अभियान के क्रम में नौ माह से 02 वर्ष तक के 3035 बच्चों को एमआर-1 व 3053 बच्चों को एमआर-2 का टीका लगाया जाना है. वहीं दो से पांच साल तक के 140 बच्चों को एमआर-1 व 138 बच्चों को एमआर-2 का टीका लगाने का का लक्ष्य निर्धारित है.

टीकाकरण के लिये दो वर्ष से कम उम्र के कुल 14 हजार 506 बच्चे लक्षित हैं। वहीं 02 से 05 साल के 04 हजार 41 बच्चों को एमआर 1 व 03 हजार 110 बच्चों को एमआर 2 का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित है।

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टीकाकरण कई बीमारियों से बचाव का महत्वपूर्ण जरिया –


जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष का संचालन तीन चरणों में किया जाना है. अभियान का दूसरा चरण 09 से 14 अक्टूबर व तीसरा चरण 27 नवंबर 02 दिसंबर के बीच संचालित होगा. अभियान के क्रम में दो साल तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी मिजिल्स, विटामिन-ए, डीपीटी बूस्टर डोज व बूस्टर ओपीवी का टीके लगाया जायेगा. गर्भवती महिलाओं को अभियान के क्रम में टेटनेस- डिप्थेरिया का टीका लगाया जाना है. नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण से वंचित दो वर्ष तक के सभी बच्चे व सभी गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित कराना मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है.

कम आच्छादन व दुर्गम इलाकों पर अधिक ध्यान –

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि नियमित टीकाकरण अभियान का बढ़ावा देना मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का उद्देश्य है. अभियान की सफलता को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि टीकाकरण गर्भवती महिला व दो से पांच साल के बच्चों को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है. इस क्रम में कम आच्छादन वाले क्षेत्र, दुर्गम इलाके व ईट भट्ठा व निर्माण कार्य में संलग्न मजदूर, प्रवासी व खानाबदोश परिवार के बसावट वाले इलाकों में शत- प्रतिशत टीकाकरण को लेकर विशेष पहल किये जाने की जानकारी उन्होंने दी.

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