अररिया, रंजीत ठाकुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अररिया के अंतर्गत संचालित मध्यस्थता केंद्र में एक जोड़े को नई अवसर प्रदान की गई। मध्यस्थता केंद्र का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विवाद को समाप्त कर परिवारों को टूटने से बचाना है। जिसमें केंद्र सफल होता भी दिख रहा है। मामला बीते 22 मार्च का है जिससे पहले महिला अपने पति सोहराव आलम के साथ अपने जीवन निर्वाह कर रही थी। बाद के दिनों में आपसी मदभेद व किसी के बहकावे में आकर महिला ने एक याचिका संख्या-सी-496/24 दर्ज की।
जिसके बाद वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता विनय कुमार झा ने दोनों पति-पत्नी को बुलाकर मध्यस्थता करवाया। श्री झा ने बताया कि दोनों एक दूसरे को पुरा मान-सम्मान देकर पति-पत्नी के धर्म का पालन करते हुए जीवन-निर्वाह करते रहेगें, जिससे दाम्पत्य जीवन में किसी भी प्रकार का कोई विवाद उत्पन्न न हो, साथ ही भरण-पोषण, दवा, इलाज, कपडा, लत्ता एवं अन्य आवश्यकता का निर्वहन आवेदक संहर्ष स्वीकार करते रहेंगे।
दोनों पक्षों में यह भी तय हुआ कि तैयार मध्यस्थता प्रतिवेदन के आधार पर उभयपक्ष अपने बीच लंबित आज तिथि तक सभी मामला-मोकदमा को समाप्त कर लेगें। मध्यस्थता प्रतिवेदन के तय शर्तों का उभयपक्ष में से कोई भी पक्षकार उलंघन करेंगे, तो सम्बंधित न्यायालय द्वारा न्यायोचित आदेश पारित किया जा सकता है, इस मध्यस्थता वाद को सफल मानकर संबंधित न्यायालय में सादर समर्पित किया जाता है। प्राधिकरण के हस्तक्षेप से पति पत्नी साथ-साथ जीवन बिताने को तैयार हो गए है।
