कटिहार। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसीन की सुविधा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के व्यक्तियों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीमेडिसीन से चिकित्सीय परामर्श मुहैया कराई जा रही है। ई-संजीवनी के माध्यम से सभी ग्राम स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रखंड क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों यथा सभी वीएचएसएनडी सत्र स्थल सहित, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायतों एवं अन्य क्षेत्रों में अब तक काफी संख्या में मरीजों को टेलीमेडिसीन चिकित्सा व्यवस्था का लाभ स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया है। जून माह के पहले बुधवार को आयोजित ई-टेलीकंसल्टेंसी स्पेशल ड्राइव में कटिहार जिला को राज्य में पांचवा स्थान मिला है। लोकसभा मतगणना के बाद जून माह के पहले बुधवार को आयोजित ई-टेलीकंसल्टेंसी स्पेशल ड्राइव में कटिहार जिला का टारगेट न्यूनतम 1700 मरीजों का ऑनलाइन माध्यम से उपचार करना रखा गया था। स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्सकों द्वारा न्यूनतम टारगेट से अधिक मेहनत करते हुए 2534 मरीजों का उपचार किया गया और सुनिश्चित टारगेट में 149 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए कटिहार जिला ई-टेलीकंसल्टेंसी स्पेशल ड्राइव में राज्य में पांचवा स्थान प्राप्त किया। इसपर सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को बधाई देते हुए आगे भी इसी तरह जिला को सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बेहतर परिणाम हासिल करते रहने का निर्देश दिया है। सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को ई-टेलीकंसल्टेंसी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का आवश्यक निर्देश दिया गया है। इसके लिए चिकित्सकों द्वारा भरसक प्रयास किया जा रहा है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग चिकित्सकीय सहायता का लाभ उठाकर स्वस्थ रह सके।
ग्रामीणों के लिए वरदान साबित है ई-टेलीकंस्लटेंसी सर्विस : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि बुधवार को जिले में ऑनलाइन माध्यम से जिले के 2534 मरीजों को चिकत्सकीय परामर्श दिया गया है। मरीजों को इसके साथ हीं ऑनलाइन उचित परामर्श भी दिया गया है। टेलीमेडिसीन सेवा के माध्यम से घर बैठे समस्याओं का समाधान आसानी से संभव हो जाता है। ई-संजीवनी के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन काउंसिलिंग की जाती है। मरीजों के लक्षण व बीमारियों से संबंधित जानकारी लेकर हब में बैठे चिकित्सकों द्वारा तत्काल उचित परामर्श दी जाती है। इसके साथ ही परामर्श के अनुरूप निःशुल्क दवा भी उपलब्ध करायी जा रही है। टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की एक उभरती हुई टेक्नोलॉजी है, जो चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों को इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए कुछ दूरी पर बैठे रोगी की जांच करने और उसका उपचार करने में मदद करता है।
टेलीकंस्लटेंसी के लिए जिले में संचालित है 363 स्पोक्स और 20 हब्स : डीपीएम
जिला कार्यक्रम प्रबंधक भगवान प्रसाद वर्मा ने बताया कि ई-टेलीमेडिसिन के माध्यम से जिले में संचालित 363 स्पोक्स संचालित है जहाँ आने वाले मरीजों को 20 हब्स के माध्यम से चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय परामर्श के साथ-साथ तत्काल दवाएं भी दी जाती है। इस सुविधा से अब घर के नजदीक ही मरीजों के कई प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। ग्रामीणों क्षेत्रों के लिए टेलीमेडिसिन की सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से दूर-दराज के मरीज़ों को काफी हद तक लाभ मिल रहा है। डीपीएम भगवान प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर महीने के पहले और तीसरे बुधवार को ई संजीवनी टेलीकंस्लटेंसी स्पेशल ड्राइव अभियान चलाया जाता है जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ऑनलाइन द्वारा चिकित्सकों से चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जाती है। उसके अनुसार संबंधित मरीजों को स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम द्वारा मेडिकल सहायता प्रदान किया जाता है जिसका उपयोग कर लोग समय से स्वस्थ हो सकते हैं।
टेलीकंस्लटेंसी में सामान्य स्वास्थ्य से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध : डीएमईओ
जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (डीएमईओ) अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि ई-टेलीकंसल्टेंसी के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, आंख, कान, नाक, दंत, त्वचा, मलेरिया, कुष्ठ, बुख़ार, हाइपरटेंशन, खांसी, सर्दी, बीपी, सुगर, अर्थराइटिस एवं टीबी जैसी बीमारी के लिए चिकित्सीय सेवा शत प्रतिशत दी जाती है। वहीं परामर्श केंद्र पर परिवार नियोजन, पोषण, एड्स, कैंसर तंबाकू उपयोग के दुष्परिणाम के लिए परामर्श दिया जाता हैं। जांच के लिए रक्त शर्करा (शुगर), उच्च रक्तचाप एवं एनीमिया की जांच की जाती है। चिकित्सकों से ई-टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से परामर्श लेने के बाद दवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि ई संजीवनी टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से जिले में मार्च 2023 से अप्रैल 2024 तक 03 लाख 22 हजार 789 लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
