फुलवारीशरीफ, अजीत। स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने और सामाजिक झिझक दूर करने के उद्देश्य से जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में मंगलवार को जागरूकता एवं कैंसर विजेता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें 160 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें उपचार के बाद स्वस्थ जीवन जी रहीं 100 से अधिक महिलाएं शामिल थीं. कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शांति रॉय सहित विशेषज्ञों ने महिलाओं को समय पर जांच और इलाज कराने की सलाह दी।
मेदांता की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. निहारिका रॉय ने कहा कि स्तन में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन बिना दर्द वाली गांठ को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. स्तन के आकार, त्वचा या निप्पल में असामान्य बदलाव और स्राव होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. उन्होंने महिलाओं को नियमित जांच और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार मैमोग्राफी कराने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में स्तन कैंसर से जुड़े मिथकों और वास्तविकताओं पर प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ. महिलाओं ने बायोप्सी, सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन और उपचार के बाद सामान्य जीवन से जुड़े सवाल पूछे. विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर उनकी शंकाओं का समाधान किया।
कैंसर का उपचार पूरा कर स्वस्थ हुई महिलाओं ने अपनी संघर्ष यात्रा साझा कर मरीजों का हौसला बढ़ाया. उन्होंने बताया कि सही उपचार, परिवार का सहयोग और नियमित चिकित्सकीय देखभाल से कैंसर के बाद भी सामान्य जीवन जीना संभव है।
मेदांता पटना के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा कि स्तन कैंसर से लड़ाई में उपचार के साथ जागरूकता और सामाजिक सहयोग भी जरूरी है. अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के समन्वय से मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है. कार्यक्रम में डॉ. राजीव रंजन प्रसाद, डॉ. मीना सामंत, डॉ. अमरेंद्र अमर, डॉ. अमित कुमार और डॉ. नवीन नयन सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे. रोटरी और इनर व्हील के सदस्यों ने भी भाग लिया।
