दानापुर, अजीत। राजधानी पटना में एक बार फिर से पटना पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. पुलिस ने मारपीट के मामले में एक माह पहले जन्मे बच्चे के साथ उसकी मां को भी जेल भेज दिया. मां के साथ ही नवजात भी जेल की लाल कोठी पहुंच गया. पुलिस को नवजात मासूम को गोद में लिए अपाहिज महिला का दर्द नहीं दिखा और “बेरहम पुलिस ” का खिताब लिए पुलिस ने जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया. इस घटना के बाद दानापुर के इलाके में जिन्होंने इस बारे में सुना पुलिस के बारे में भला बुरा ही कहने लगे.
दानापुर में आज एक बार फिर पुलिस का अमानवीय चेहरा दिखा जब स्थानीय थाना ने मार पिट के एक मामले में अपाहिज युवती जो मात्र एक माह पूर्व ऑपरेशन के ज़रिए एक बच्चे को जन्म दी थी उसे गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया।
मामला दानापुर थाना क्षेत्र के नयाटोला मोहल्ला का है जहां कल प्रातः साढ़े सात और साढ़े ग्यारह बजे के बीच दो पड़ोसी का है जिनके बीच आपसी विवाद को लेकर कहा सुनी से मारपीट कि नौबत तक आ पहुँची। मारपीट के क्रम में एक पक्ष के रेशमी देवी के सर फट गया जबकि दूसरी तरफ़ के एक युवती जिसे अंदरूनी गंभीर चोटें आयी वो पुलिस अभिरक्षा में पीएमसीएच में इलाजरत है। दानापुर थाना ने दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज की है लेकिन गिरफ़्तारी एक ही पक्ष से दो सगी बहनों का हुआ है।
इस मामले में युवती की माँ आशा देवी ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी का बड़ा ऑपरेशन से 09 अगस्त को एक बच्चे को जन्म दी है और उस समय से कम्पलीट बेड रेस्ट में है। घटना में वो कही से शामिल नहीं है फिर भी पुलिस कल सुबह (रविवार) से ही थाने में रखी हुई थी और आज दोपहर को न्यायालय में प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी पुत्री के विकलांगता और सर्जरी के तमाम काग़ज़ दिखाए प्रन्तु उनकी फ़रियाद को अनसुनी कर दी गई
