अररिया(रंजीत ठाकुर): अररिया बीते दिनों तेजतर्रार घूरना थाना पुलिस के ऊपर उपद्रवियों के द्वारा हमला तथा पुलिस को बंदी बनाकर घंटों रखना जैसे कि दूसरे देश का प्रशासन हो, इस तरह के व्यवहार को लेकर क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों ने निंदा की है।
लोगों ने कहा पुलिस बनकर हमारे क्षेत्र में आते हैं और हम सभी को सुरक्षा देते है। हमलोगों का दायित्व भी बनता है कि हमलोग उनका सम्मान करें , यह सम्मान सामाजिक रूप से होना चाहिए। पुलिस पर हमले की घटना असामाजिक लोगों का कृत्य है।यह निन्दनीय है।
प्रत्येक समाज में कुछ अपराधिक तत्व होते ही हैं परंतु उनका मनोबल इतना ऊंचा नहीं होना चाहिए कि वे पुलिस पर ही हमला कर दे। ऐसी घटनाऐं सरकार की अक्षमता को प्रदर्शित करती है और जनता में गलत संदेश जाता है।सरकार को चाहिए कि ऐसे अपराधी तत्वों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन को पूरी छूट दें ताकि वे ऐसे लोगों को दंडित कर स्वच्छ समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इस बाबत अररिया जिला पार्षद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्रवण दास ने कहा,” असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस बल पर हमला अत्यंत निंदनीय है। ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए”।
क्षेत्र संख्या-01 से जिला पार्षद प्रतिनिधि ब्रह्मदेव यादव ने कहा,” सीमा क्षेत्र में पुलिस बल पर हमला होना क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय है। सरकार को इस दिशा में सचेत होने की जरूरत है”।
समाजसेवी अशोक यादव ने कहा,” घूरना थाना पुलिस पर जो हमला हुआ है वह बर्दाश्त करने के योग्य नहीं है। अपराधी तत्व के लोगों को चिन्हित कर उचित कार्यवाई करें ताकि समाज में सही संदेश जा सके”।
मानिकपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रिकेश यादव ने कहा,” पुलिस पर घटना निंदनीय है। घटना में जो असामाजिक तत्व के लोग संलिप्त है चिन्हित कर कार्यवाही करें। “निर्दोष लोग नहीं फंसे और दोषी नहीं बचे” यही हम लोगों की मांग है”।
