पटना(अजित यादव): गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ पटना जिला द्वारा देश में बेतहाशा मूल्य वृद्धि एवं महंगाई पर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के विरुद्ध एक विशाल प्रदर्शन निकली. ये विरोध प्रदर्शन करते हुए 1बजे दोपहर जी0 पी0 ओ0 गोलम्बर से जिलाधिकारी पटना कार्यालय छज्जूबाग गई और पटना जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा गया.विरोध प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बैनर और पोस्टर लेकर नारे लगाते हुए डाक बंगला चौराहा होते हुए पटना जिलाधिकारी कार्यालय गए। पटना जिला अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया ।
ज्ञापन के आशय में भारतीय मजदूर संघ मूल्य वृद्धि एवं बढ़ती महंगाई के आलोक में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों से आपके माध्यम से निम्नलिखित मांग करती है :-
(1) जब एक भारत एक टैक्स की परिकल्पना की गई तब जीएसटी लाया गया है तो फिर पेट्रोलियम पदार्थ को जीएसटी के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है,
अतः संघ की मांग है कि इसे भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए एवं प्रतिदिन मूल्य निर्धारण को समाप्त किया जाए।
(2) उत्पादन कर्ता द्वारा प्रत्येक वस्तु की लागत मूल्य एवं एमआरपी दोनों प्रत्येक वस्तु पर अंकित होना चाहिए ताकि उपभोक्ता को यह पता चल सके कि उत्पादन कर्ता उक्त वस्तु पर कितना लाभ ले रहा है।
भारतीय मजदूर संघ यह मांग करती है कि ऐसा करना उत्पादन कर्ता के लिए अनिवार्य बनाया जाए अर्थात इस आशय का कानून बनाकर इसे कड़ाई से लागू किया जाय।
(3) किसानों को परिश्रमिक भुगतान द्वारा खाद्य पदार्थों के उत्पादन में वृद्धि हेतु कदम उठाया जाय।
(4) खाद्य तेलों, दालों एवं अन्य पदार्थों के संदर्भ में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद्य पदार्थों के मूल्यों पर नियंत्रण आवश्यक है।
अतः इसके लिए एक लंबी अवधि के लिए कार्य योजना बनाई जाय।
(5) सार्वजनिक क्षेत्रों एवं निजी क्षेत्रों दोनों के श्रमिकों अथवा कर्मचारियों के वेतन बढ़ाकर महंगाई की क्षति पूर्ति हेतु कदम उठाए जाय।
(6)आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3(।) में की गई उपभोक्ता छूट को तुरंत वापस लिया जाय।
अतः अंत में सभी राज्य सरकारों एवं केंद्र सरकार से भारतीय मजदूर संघ आग्रह के साथ अनुरोध करती है कि
इन मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए आम आदमी को इस बेतहाशा बढ़ रही महंगाई से निजात दिलाने में अपनी अपनी अग्रणी भूमिका निभाएंगे। ऐसा संघ को आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है।
