बिहार

स्वास्थ्य विभाग कर रहा है कन्या उत्थान योजना के सफल क्रियान्वयन की पहल

अररिया, रंजीत ठाकुर। समाज में बेटियों को सशक्त बनाने के लिए कई सरकारी योजना संचालित है। ताकि बेटियों को सम्मान पूर्ण जीवन जीने का अधिकार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना ऐसे ही एक योजना में शुमार है। योजना के तहत बेटियों के जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई पूरी होने तक कई चरणों में निर्धारित रकम प्रोत्साहन राशि के रूप में लाभुकों को प्रदान किया जाता है। इसमें बेटियों के जन्म के उपरांत प्रोत्साहन राशि के रूप में 02 हजार  रुपये दिये जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ अधिक से अधिक प्रथम दो कन्या संतान के लिए उपलब्ध कराया जाता है। जिला स्वास्थ्य विभाग अपने विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में जरूरी पहल कर रहा है।

योजना के सफल क्रियान्वयन की हो रही पहल

सिविल सर्जन विधान चंद्र सिंह ने बताया कि महिला सशक्तिकरण, कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के साथ, किशोरियों के शिक्षा स्तर में सुधार के उद्देश्य से योजना का सफल क्रियान्वयन जरूरी है। संस्थागत प्रसव के साथ संपूर्ण टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिहाज से योजना का सफल क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सा संस्थान में कन्या शिशु के जन्म होने व जरूरी पात्रता रखने वाले सभी योग्य लाभुकों को इसका लाभ दिलाने के लिये जरूरी पहल की जा रही है। संबंधित मामले की नियमित समीक्षा की जा रही है। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को इसे लेकर खास तौर पर निर्देशित किया गया है।

योजना लाभ के लिए बच्चों का संपूर्ण टीकरण जरूरी

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जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोइज ने बताया की जन्म के उपरांत एक साल की आयु पूर्ण होने तक पूर्ण टीकाकरण के तहत बच्चों को बीसीजी, हेपेटाइटिस बी, पेंटावेलेंट 1, 2, 3, रोटावायरस 1, 2, 3 आईपीवी, पीसीवी, खसरा-रुबेला व जेई का टीका लगाया जाता है। वहीं संपूर्ण टीकाकरण के तहत लाभुक को 16 से 24 महीने के अंदर ओ पीवी बूस्टर, खसरा-रुबेला व जेई का दूसरा डोज व डीपीटी का बूस्टर डोज का टीका शामिल है। योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए दो वर्ष की आयु तक बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण सहित अन्य शर्तो को पूरा करना जरूरी है।

पात्र लाभुकों को योजना लाभ उपलब्ध कराना प्राथमिकता

डीएमएनई पंकज कुमार ने बताया कि पात्र लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में जरूरी पहल किया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य के स्थाई नागरिक होना जरूरी है। साथ ही परिवार के किसी सदस्य का सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिये।
योजना लाभ के लिए 2 वर्ष की आयु तक बच्ची का संपूर्ण टीकाकरण पूर्ण हो जाना चाहिए। योजना लाभ का दावा बच्ची के 3 वर्ष पूरे होने तक ही मान्य होता है। पात्र लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराना विभाग की प्रत्मिकताओं में शुमार है।

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