जमुई, मो. अंजुम आलम : रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटक रहे तीन नाबालिक बच्चों को जमुई जीआरपी ने बरामद किया है और एक सराहनीय कार्य का परिचय देते हुए जीआरपी ने तीनों नाबालिग बच्चों को परिवार वालों को सकुशल सौंप दिया है। जमुई रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की सुरक्षा में बैठे तीनों नाबालिग बच्चों का वीडियो शनिवार की रात सामने आई है। इस सराहनीय कार्य की लोगों ने जमुई जीआरपी की तारीफ की और परिवार वालों ने भो शुभकामनाएं दी है। वही परिवार से मिलकर बच्चों ने भी खुशी जाहिर की।
बताया जाता है कि तीनों बच्चे अलग-अलग परिस्थितियों में जमुई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भटकते हुए पाए गए थे।
जीआरपी पुलिस द्वारा बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उनसे पूछताछ की गई,जिसमें उनकी पहचान लखिसराय जिले के सुरजगढ़ा निवासी गौरव कुमार, मणिकांत और बाबू साहब के रूप में हुई। बच्चों ने बताया कि वे कजरा से लखीसराय ट्रेन से गए थे। लखीसराय में गलती से जमुई वाले ट्रेन पर चढ़ गए। लखीसराय स्टेशन पर गलती से वे जमुई की ओर जाने वाली ट्रेन में चढ़ गए, जिससे वे भटककर जमुई स्टेशन पहुंच गए।
वहीं परिजन ने बताया कि कड़ाके की ठंड में भी जीआरपी पुलिस ने बच्चों का बहुत अच्छे से ख्याल रखा और हर तरह की सुविधा दी। स्टेशन पहुंचकर जब बच्चों को सकुशल देखा तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने इसके लिए जमुई जीआरपी पुलिस का आभार व्यक्त किया।
वहीं प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही रीता देवी ने बताया कि तीनों बच्चे प्लेटफॉर्म पर भटक रहे थे, तभी उनकी नजर पड़ी और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाकर पूछताछ के बाद परिजनों को सूचना दी गई।
इस संबंध में जीआरपी थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने बताया कि तीनों बच्चे सूरजगढ़ा के थे, जो भटककर जमुई स्टेशन आ गए थे। ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही रीता देवी की तत्परता से बच्चों की देखभाल की गई और पहचान के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने आम लोगों से अपील किया की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भटका हुआ नजर आए तो तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।
