बिहार

साधारण इंसान से समाजसेवा के नायक बने सैय्यद हसन अली, सेवा के ज़रिए लिखी बदलाव की कहानी

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पटना के एक साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे सैय्यद हसन अली ने समाजसेवा के क्षेत्र में वह मुकाम हासिल किया है, जहां आज वे किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज हजारों जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है। समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा भावना ने उन्हें समाजसेवा के नायक के रूप में स्थापित किया है।

पटना की तंग गलियों से निकलकर सैय्यद हसन अली ने समाज में बदलाव की एक नई इबारत लिखी है। उन्होंने न केवल अपने लिए, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए जीने का संकल्प लिया, जिसे सहारे की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो बदलाव की शुरुआत एक अकेला इंसान भी कर सकता है। सैय्यद हसन अली ने सेवा के अपने जुनून को आगे बढ़ाते हुए ‘टीम सेवा’ नामक एक सामाजिक संगठन की स्थापना की। आज यह एनजीओ गरीबों, असहायों और वंचितों के लिए एक मजबूत सहारा बन चुका है। हसन अली के नेतृत्व में टीम सेवा ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर जरूरतमंद के साथ खड़े होने का कार्य किया है।

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सैय्यद हसन अली और उनकी टीम ने समाज के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गरीब बेटियों के विवाह में सहयोग कर परिवारों का बोझ कम किया। सैकड़ों मरीजों की जान बचाने के लिए नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए। ठंड के मौसम में सड़कों पर रहने वाले हजारों लोगों को कंबल वितरित किए। बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने में सहायता कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। भूख से जूझ रहे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर अब तक 8 लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया गया, और यह सेवा निरंतर जारी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियों को भी निभाया, वह भी बिना धर्म और जाति के भेदभाव के। आपदा और महामारी में भी निभाई अहम भूमिका
बिहार में आई बाढ़, सूखा और वैश्विक महामारी कोरोना जैसे संकट के समय सैय्यद हसन अली और टीम सेवा ने सबसे आगे रहकर सेवा की। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन और आश्रय, सूखा क्षेत्रों में पानी और आवश्यक संसाधन तथा कोरोना काल में ऑक्सीजन, दवाइयां और भोजन उपलब्ध कराकर उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की।

समाज के प्रति उनके योगदान को देखते हुए सैय्यद हसन अली को कई सामाजिक, राजनीतिक और गैर-राजनीतिक मंचों से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान न केवल उनकी मेहनत की पहचान हैं, बल्कि समाज के लिए कुछ करने का सपना देखने वालों के लिए प्रेरणा भी हैं। हसन अली का सफर केवल समाजसेवा तक सीमित नहीं है। उनके कार्य यह संदेश देते हैं कि असली नेतृत्व वही है, जो हर वर्ग के साथ खड़ा हो। उन्होंने साबित किया है कि राजनीति केवल भाषण नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का माध्यम होनी चाहिए। सैय्यद हसन अली का सपना है कि समाज का कोई भी व्यक्ति भूखा, असहाय या अपमानित न रहे। उनका मानना है कि समाज की असली ताकत सेवा, एकता और करुणा में छिपी है। टीम सेवा के माध्यम से वे हर उस इंसान को प्रेरित कर रहे हैं, जो बदलाव लाने का साहस रखता है।

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