बिहार

एम्स पटना में प्रसव पूर्व दुर्लभ बीमारियों के निदान की सुविधा हुई शुरू

पटना, अजीत शनिवार को पटना एम्स में प्रसव पूर्व दुर्लभ बीमारियों के निदान की सुविधा का शुरुआत हुआ.हैं.रेडियोडायग्नोसिस विभाग एम्स पटना को एमनियोसेंटेसिस, कोरियोनिक विलस बायोप्सी, फेटोस्कोपी, भ्रूण की त्वचा या अंग बायोप्सी, या किसी भी निर्दिष्ट प्रक्रिया सहित भ्रूण हस्तक्षेप प्रक्रियाओं को करने के लिए प्रमाणित किया गया है.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना मे दुर्लभ बीमारियों के लिए अपनी अत्याधुनिक प्रसवपूर्व निदान सुविधा का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर डॉ. गोपाल कृष्ण पाल ने किया. एम्स निदेशक ने बताया कि इस सुविधा के शुरुआत से अब एम्स में पर प्रसव पहले दुर्लभ आनुवंशिक और जन्मजात स्थितियों की पहचान कर उसका इलाज करेगी.नव स्थापित सुविधा दुर्लभ बीमारियों की शीघ्र पहचान और प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस सुविधा से हमारा उद्देश्य भावी माता-पिता के लिए समय पर बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाना है.

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निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल ने नवीन प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञ देखभाल के माध्यम से मातृ एवं भ्रूण स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए संस्थान के समर्पण पर प्रकाश डाला.आगे बताया की यह सुविधा नवीनतम नैदानिक उपकरणों से सुसज्जित है और प्रौद्योगिकी, जिसमें उन्नत आनुवंशिक परीक्षण, उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग और व्यापक परामर्श सेवाएँ शामिल हैं.केंद्र की बहु-विषयक टीम में बाल रोग विशेषज्ञ, आनुवंशिकी विशेषज्ञ, प्रसूति विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और परामर्शदाता शामिल हैं जो दुर्लभ बीमारियों की जटिलताओं से निपटने वाले परिवारों को व्यक्तिगत देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित है.

उद्घाटन समारोह में डॉ. प्रेम कुमार, डीन अकादमिक, डॉ. अनुप कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. त्रिभुवन कुमार और दुर्लभ रोगों के सदस्य सचिव डॉ. प्रताप कुमार पात्रा, डॉ. अजीत कुमार सक्सेना, डॉ. मोनिका अनंत, डॉ. बिनोद कुमार पति, डॉ. मीनाक्षी तिवारी, डॉ. बंदन कुमारी, डॉ. सुरभि, डॉ. आनंद राय, डॉ. संजीव कुमार भी उपस्थित थे.

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