अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के घूरना में भारत-नेपाल सीमा सड़क पर स्थित पुल वर्षों से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। एसएसबी कैंप के समीप बने इस पुल पर गिट्टी, बालू, मक्का और जलावन रखकर कब्जा जमा लिया गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क और पुल पर अतिक्रमण के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
हैरानी की बात, चंद कदमों की दूरी पर थाना और एसएसबी कैंप-
सबसे आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि अतिक्रमण वाले पुल से महज 500 मीटर की दूरी पर घूरना थाना और करीब 200 मीटर पर एसएसबी कैंप स्थित है। इसके बावजूद सीमा सड़क के महत्वपूर्ण पुल पर वर्षों से अतिक्रमणकारियों का कब्जा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अब तक पुल को अतिक्रमणमुक्त क्यों नहीं कराया जा सका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल पर जमा गिट्टी और बालू का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता है तथा जरूरतमंदों को इसकी बिक्री भी की जाती है। सीमा सड़क के अन्य हिस्सों में भी जगह-जगह अतिक्रमण की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही है और आम लोगों को सुरक्षित आवागमन में कठिनाई हो रही है।
अतिक्रमण हटाने की बात पर विवाद, अब कार्रवाई की तैयारी-
सड़क निर्माण विभाग के जेई करण कुमार ने बताया कि सड़क और पुल से अतिक्रमण हटाने के लिए स्थानीय लोगों को कई बार कहा गया है। इसके बावजूद कुछ लोग अतिक्रमण हटाने के बजाय विभागीय कर्मियों के साथ विवाद करने लगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पुलिस प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
वर्षों से कब्जा, अब कार्रवाई का इंतजार-
सीमा सड़क पर स्थित पुल का अतिक्रमणमुक्त होना सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिहाज से जरूरी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पुल एवं सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराए। साथ ही, भविष्य में दोबारा कब्जा नहीं हो, इसके लिए भी ठोस व्यवस्था की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग कब कार्रवाई करता है और लोगों को इस समस्या से कब तक निजात मिलती है।
