पटनासिटी(रॉबीन राज): वर्तमान समय में सभी को महीने में एक बार अपने स्वास्थ्य की जांच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए। ताकि किसी भी प्रकार की बीमारियों की पहचान शुरुआती दौर में होने से उसका इलाज सफलतापूर्वक कराया जा सके। उक्त बातें डॉ० वरुण और स्वेता गोलवारा ने बातचीत मे बताया। रविवार को गोलवारा केयर एंड क्यूर क्लिनिक द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों की संख्या मे पहुंचे मरीजों ने हड्डी, रीढ़, नस रोग, प्रस्तुती रोग संबंधित जांच कराया। ख़ासकर महिलाओं के प्रजनन अंगों में कई तरह के कैंसर होते हैं, गर्भाशय का कैंसर से बचने के उपाय के बारे मे डॉक्टर से परामर्श लिया। ताकि सही समय पर सभी बिमारियों का इलाज किया जा सके।
हड्डी, रीढ़ एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ० वरुण कुमार गोलवारा ने बताया की आज कल के दौर मे उठने बैठने का तरीका अलग हो गया है जिसका खामियाजा शरीर को भुगतना पड़ता है और जिससे कमर दर्द, पीठ दर्द सहित अन्य समस्या सामने आती है ऐसे में हड्डी से संबंधित बीमारियां से जूझ रहे मरीजों को देखा जा रहा है और उनका पूर्ण रूप से इलाज किया जा रहा हैं। शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य है की जो भी रोगी किसी कारणवास डॉक्टरों पास जाकर अपनी समस्या नहीं बता पाते है उनके लिये यह शिविर के माध्यम से जागरूक करने का काम कर रहे हैं ताकि सही समय पर अपनी बिमारियों का इलाज कराकर अपनी समस्या से छुटकारा पा सके।
स्त्री एवं प्रस्तुति रोग विशेषज्ञ डॉ० स्वेता अग्रवाल गोलवारा ने बताया की करीब 150 से 200 मरीजों ने पंजीकरण कराया है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कैम्प से लाभ हो इसके लिये लगातार महीने मे एक बार शिविर लगाकर जांच किया जाता है। उन्होंने बातचीत मे आगे बताया की आमतौर पर लोग तभी डॉक्टर पास जाते है ज़ब उनकी बिमारियों की परेशानी अधिक बढ़ जाती है ऐसे मे खतरा और भी बढ़ जाता है, छोटी सी छोटी बीमारियां कब बड़ा रूप लेले इसका कोई समय सीमा नहीं, हम अपने परेशानियों मे इतना उलझें रहते है की उस बीमारी को नजरअंदाज कर देते है। शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है ताकि जो मरीज ब्लड प्रेसर, शुगर जैसे परेशानियों से झूझ रहे है ख़ासतौर पर महिलाएं जो घरेलू कामों मे अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे पाती उनके लिये जागरूक करने का काम कर रहे हैं।
गोलवारा ने आगे बताया की हड्डी मे कैल्शियम की मात्रा को चेक करने के लिये मशीन लगा है ताकि पता चल सके की उनके शरीर मे कैल्शियम प्राप्त मात्रा मे है की नहीं। ऐसा देखा जाता है की युवती के शरीर मे कीड़ा होने की वजह से खून की कमी, हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है जिससे उनको परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं के शरीर में गर्भाशय कैंसर को अगर तुरंत उपचार कर सके तो उसे पूर्ण रूप से खत्म किया जा सकता हैं। गर्भाशय के कैंसर का भी टिका लिया जाता है इसमें 9 साल की ऊपर की लड़कियों को सहसमय देते है तो इसे रोक सकते है। ये फिर कैंसर उन बच्चियों महिलाओं को होगा ही नहीं। और 30 साल के ऊपर की महिलाओं को अनिवार्य रूप से बच्चेदानी के मुंह का कैंसर का स्क्रीनिंग कराएं।
