पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) आज जिलाधिकारी, पटना डॉ. चंद्रशेखर सिंह द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना में 160 नए लाभार्थियों को स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने विभिन्न प्रखंडों से आए बच्चों को लाभ स्वीकृति प्रमाण पत्र का भी वितरण किया। इस योजना के तहत अब तक 508 बच्चों को जोड़ा जा चुका है, जिससे पटना बिहार राज्य में स्वीकृति के उपरांत अग्रणी जिला बन गया है।
यह योजना कमजोर परिवारों के बच्चों को उनके सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश में रहकर जीवनयापन का अवसर प्रदान करती है, जिससे उनके विस्थापन को रोका जा सके।
योजना की मुख्य बातें:
• मासिक सहायता : प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह ₹4,000/- की राशि प्रदान की जाएगी, जो 18 वर्ष की आयु तक जारी रहेगी।
• उद्देश्य: बच्चों को उनके जैविक परिवार के साथ रहकर शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान करना, ताकि वे अपने सामाजिक परिवेश में सुरक्षित और सशक्त रह सकें।
पात्रता मानदंड:
- मां विधवा, तलाकशुदा या परिवार द्वारा परित्यक्त हो।
- बच्चे अनाथ हैं और विस्तारित परिवार के साथ रह रहे हैं।
- माता-पिता जीवन को खतरा देने वाली बीमारी के शिकार हैं।
- माता-पिता वित्तीय और शारीरिक रूप से बच्चों की देखभाल करने में असक्षम हैं।
- बाल न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अनुसार देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे।
- पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चे।
आर्थिक मानदंड:
• ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: ₹72,000/- प्रति वर्ष
• अन्य क्षेत्रों के लिए: ₹96,000/- प्रति वर्ष
आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेख: आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, और शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण पत्र। उप विकास आयुक्त , पटना ने जिले के आमजनों से अपील की है कि वे अपने आस-पास के जरूरतमंद बच्चों के अभिभावकों या संरक्षकों को इस योजना की जानकारी दें और उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।
सहायक निदेशक,जिला बाल संरक्षण इकाई,पटना ने कहा कि यह कदम बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है और सहयोग और समर्थन की अपील के साथ, यह कदम बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आवेदन जमा करने का स्थान है जिला बाल संरक्षण इकाई, विकास भवन, पटना, गांधी मैदान, पटना और बाल कल्याण समिति, पटना, बाल गृह, अपना घर, ललित भवन के पीछे।
