बिहार

निर्भया NEET छात्रा को न्याय की मांग को लेकर धरना

नई दिल्ली, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की 17 वर्षीय NEET अभ्यर्थी छात्रा की संदिग्ध मृत्यु के खिलाफ आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर नागरिकों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ प्रदर्शन किया।
जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब, बिहार की ‘निर्भया’ (NEET छात्रा को न्याय की मांग न्याय में देरी और जांच में लीपापोती के खिलाफ 8 फरवरी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
प्रमुख वक्ता / संबोधित करने वाले पवन कुमार,उदय कुमार शर्मा,प्रमोद कुमार, कुंदन कुमार,अरविंद शर्मा,साकेत बिहारी शर्मा,आचार्य जयकांत जी मौजूद रहे प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि एक जघन्य अपराध बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मृतका नाबालिग थी और POCSO कानून के अंतर्गत संरक्षित थी, इसके बावजूद शुरू से ही मामले को दबाने और भटकाने का प्रयास किया गया। छात्रावास प्रबंधन, निजी अस्पतालों और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए। प्रमुख बिंदु 17 वर्ष की नाबालिग होने के बावजूद FIR में उम्र 18 वर्ष दर्ज माता-पिता को समय पर सूचना नहीं दी गई।सरकारी अस्पताल की बजाय निजी अस्पतालों में ले जाया गया अपराध स्थल (छात्रावास) को सील नहीं किया गया

पीड़िता के अंतिम शब्द

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“मेरे साथ बहुत भयानक हुआ है” को नज़रअंदाज़ किया गया।पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पोस्टमॉर्टम में बाहरी व आंतरिक चोटों तथा यौन हिंसा की आशंका दर्ज है।फॉरेंसिक रिपोर्ट में वस्त्रों पर वीर्य की पुष्टि हुई है, जिससे आत्महत्या की थ्योरी पूरी तरह खारिज होती है। SIT और CBI जांच पर सवाल प्रदर्शनकारियों ने SIT को अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि जांच में वही अधिकारी शामिल हैं जिनकी भूमिका संदेहास्पद रही है।

CBI जांच को समयबद्ध स्वतंत्र और सार्वजनिक निगरानी में कराने की मांग की गई। मुख्य मांगें,निष्पक्ष और समयबद्ध CBI जांच दोषी छात्रावास प्रबंधन डॉक्टरों व पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी FIR में उम्र से छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई पीड़िता के परिवार को सुरक्षा और न्याय प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि हर बेटी के न्याय के लिए है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय में देरी जारी रही तो यह आंदोलन देशव्यापी जनआंदोलन बनेगा।जब तक बिहार की निर्भया को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आवाज़ उठती रहेगी।इसी संकल्प के साथ यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पीड़िता के परिजन भी धरने में उपस्थित रहे।

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