बिहार

उत्तर बिहार में घना कोहरा बना बड़ी चुनौती, धूप के बावजूद ठंड से राहत नहीं

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार में दिन के समय धूप लौटने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन उत्तर बिहार में छाया घना कोहरा अब भी आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा, जबकि सुबह के समय कोहरे के कारण कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। पूर्णिया में न्यूनतम दृश्यता मात्र 550 मीटर रही, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर देखने को मिला।ठंड और कोहरे के लगातार बने हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम भी उठाए हैं।

पटना जिले में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों की टाइमिंग में अस्थायी बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, अब स्कूलों का संचालन सुबह 9 बजे से किया जा रहा है। यह व्यवस्था फिलहाल 20 जनवरी तक लागू रहेगी, ताकि घने कोहरे और ठंड के दौरान बच्चों को सुबह के समय बाहर निकलने में होने वाली परेशानी से बचाया जा सके। उत्तर बिहार के तराई इलाकों में हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण कई ट्रेनों और बसों के परिचालन में देरी की स्थिति बनी रही, वहीं हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के एक-दो स्थानों पर हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा बना रह सकता है।

शनिवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली, जिससे अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य का अधिकतम तापमान 20.8 से 25.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। कैमूर में 25.4 डिग्री सेल्सियस सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि भागलपुर के सबौर में न्यूनतम अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया।

हालांकि दिन में धूप से राहत मिली, लेकिन रात के समय ठंड का असर अब भी बरकरार है। न्यूनतम तापमान 5.4 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। भागलपुर के सबौर में शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा। उत्तर बिहार के कई तराई क्षेत्रों में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे सुबह और रात के समय तेज कनकनी महसूस की जा रही है।

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। आने वाले चार दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी होने की संभावना है, हालांकि इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में कोल्ड डे जैसी स्थिति फिर से बन सकती है।

मौसम का असर खेती पर भी साफ नजर आ रहा है। दिन की धूप से फसलों को कुछ राहत मिल रही है, लेकिन लगातार कोहरा और ठंडी रातें सब्जियों और रबी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई करने और एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी है।

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ठंड और बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। डॉक्टरों ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने और सुबह के समय कोहरे में बाहर निकलते वक्त विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रदेश में धूप लौटने से दिन में राहत जरूर मिली है, लेकिन उत्तर बिहार में कोहरा और ठंड का असर फिलहाल बरकरार है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहना होगा और ठंड से बचाव के उपाय लगातार अपनाते रहना जरूरी है।

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