फुलवारीशरीफ, (न्यूज़ क्राइम 24) मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान के पहले जुमे के मौके पर राजधानी पटना इबादत और रूहानियत के रंग में रंगा नजर आया. शहर की बड़ी से लेकर मोहल्लों की छोटी मस्जिदों तक अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. रोजेदारों ने पूरे एहतराम और अकीदत के साथ जुमे की नमाज़ अदा की तथा मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, भाईचारा और खुशहाली की दुआएं मांगी. खास तौर पर फुलवारी शरीफ में नमाज़ियों का सैलाब देखने को मिला, जहां सुबह से ही मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर रौनक बढ़ गई थी। फुलवारी शरीफ की ऐतिहासिक और रूहानी पहचान मानी जाने वाली खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी. यहां बड़ी संख्या में रोज़ेदार नमाज़ अदा करने पहुंचे. मस्जिद के अंदर की सभी सफें भर जाने के बाद बाहर तक नमाज़ियों की कतारें लग गईं. लाल मियां की दरगाह परिसर स्थित शाही संगी मस्जिद में भी खासी भीड़ रही.बड़ी खानकाह मस्जिद और नया टोला की जामा मस्जिद में भी नमाज़ियों की तादाद इतनी अधिक थी कि लोगों को सड़क किनारे और खुले स्थानों पर भी सफ बनाकर नमाज़ अदा करनी पड़ी।
राजधानी के अन्य हिस्सों में भी आस्था का वही आलम देखने को मिला. जामा मस्जिद नया टोला में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। मस्जिद-ए-गौसुलवरा जमालउद्दीन चक दानापुर, मखदूम रास्ती नगर मिल्लत कॉलोनी मस्जिद, अपना घराना छोटी खानकाह, कुर्बान मस्जिद ईसापुर, फेडरल कॉलोनी हारूननगर मस्जिद, शकीूर कॉलोनी मस्जिद, आशियाना-दीघा रोड मस्जिद, समनपुरा बाजार मस्जिद, पुरानी मस्जिद ईसापुर, नूरी मस्जिद ईसापुर और गौणपूरा मस्जिद सहित दर्जनों मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी मौजूदगी रही. हर मस्जिद में रमज़ान की फज़ीलत, सब्र, तक़वा और इंसानियत के पैगाम पर बयान किया गया।
उलेमा-ए-कराम ने अपने खुत्बों में रमज़ान की अहमियत बयान करते हुए कहा कि यह महीना इबादत, सब्र, खुदा से करीब होने और जरूरतमंदों की मदद का महीना है. उन्होंने रोज़ेदारों को आपसी भाईचारा मजबूत करने, समाज में अमन कायम रखने और नफरत से दूर रहने की नसीहत दी. नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी.मस्जिदों के बाहर खैरात और जरूरतमंदों की मदद का भी सिलसिला देखने को मिला। पहले जुमे को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. फुलवारी शरीफ को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी.प्रमुख मस्जिदों और चौराहों पर पुलिस गश्ती दल लगातार निगरानी करते रहे. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया गया था, जिससे नमाज़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी स्थानों पर नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. कुल मिलाकर रमज़ान के पहले जुमे पर पटना खासकर फुलवारी शरीफ में आस्था, अनुशासन और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
