बिहार

कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान सह पीएसएमए का किया गया आयोजन

पूर्णिया(न्यूज़ क्राइम 24): कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए, टीकाकरण महाअभियान सह मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन आज गुरुवार को किया गया। जिलाधिकारी सुहर्ष भगत ने बताया कि शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने में जिला प्रशासन जुटा हुआ है। इसी कड़ी में ज़िले के 307 टीकाकरण केंद्रों के माध्यम से टीकाकरण अभियान के दौरान 12 से लेकर 14 वर्ष आयु वर्ग तक के किशोर, किशोरियों के साथ ही योग्य लाभार्थियों को प्रीकॉशन डोज यानी बूस्टर डोज़ के अलावा वंचित बच्चों के टीकाकरण पर विशेष बल दिया गया।

टीकाकरण से वंचित लाभार्थी अपना डोज़ अवश्य लगवायें : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया कि जुलाई महीने के 07 एवं 14 तारीख को टीकाकरण महाभियान के माध्यम से अधिकांश लाभार्थियों को टीकाकृत किया जा चुका है। इन महाअभियानों के सफलतापूर्वक संचालन से जिले के कोविड-19 टीकाकरण आच्छादन की स्थिति काफ़ी मजबूत हुई है। वहीं अधिक से अधिक संख्या में जिलेवासियों द्वारा अपना दूसरा एवं प्रीकॉशन (बुस्टर) डोज पूरा किया गया। उन्होंने अपील की कि जिन्होंने किसी कारणवश अभी तक टीके की एक भी डोज़ नहीं ली है वे लोग अपनी पहली डोज जरूर लगवा लें। पहला डोज प्राप्त कर चुके लोग समय पर दूसरी डोज लें और दूसरी डोज ले चुके लोग छः महीने के बाद प्रीकॉशनरी डोज अवश्य लें।

मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण के लिए विभागीय अधिकारी रहे प्रतिनियुक्त : डीपीएम

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जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण महाभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ही डेटा ऑपरेटर सुबह से लगे हुए हैं। कोविड-19 टीके की प्रीकॉशन डोज लगाने की समय सीमा को घटाकर 6 माह कर दिया गया है एवं 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी तरह के लाभार्थियों को प्रीकॉशन डोज मुफ्त में दिए जा रहे हैं। टीकाकरण महाअभियान की सफलता के लिए सतत मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से प्रमंडलीय स्तर के वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करने वाली अन्य सहयोगी संस्थाओं के द्वारा हर तरह से सहयोग मिल रहा है।

12 से 14 एवं 15 से 18 आयु वर्ग के किशोर एवं किशोरियों को मिली प्राथमिकता : डीआईओ

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन ने बताया कि 12 से 14 एवं 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर प्रथम एवं दूसरा डोज़ देने के लिए जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यो को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया था। इसके लिए आवश्यक सूक्ष्म कार्य योजना, विद्यालयों से समन्वय स्थापित करना, शिक्षा विभाग से सहयोग एवं स्थानीय पंचायत जन प्रतिनिधियों से भी अपेक्षित सहयोग लिया गया।

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