अररिया, रंजीत ठाकुर : छठ महापर्व का चौथा और आखिरी दिन मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। भरगामा प्रखंड क्षेत्र के तमाम छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी दिखी। सभी श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने 36 घंटे के उपवास को खोला। इस दौरान आमलोगों से लेकर नेताओं तक सभी भगवान भास्कर की पूजा में मंत्रमुग्ध नजर आए। इस दौरान उपासकों के लिए घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए। उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ अर्पित करने के लिए तड़के सुबह से हीं श्रद्धालु घाटों पर नजर आए। पूरा स्थल ‘छठ मइया’ के जयघोष, भक्ति गीतों और सूर्य अर्घ्य की आराधना से गूंज उठा। इसके साथ हीं चार दिवसीय छठ पूजा का यह महापर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।
बताते चलें कि सूर्योदय से पूर्व हीं नदी और पोखर के जल में प्रवेश कर छठव्रतियां भगवान भास्कर का ध्यान करती रही। जैसे-जैसे प्रातः काल आकाश का क्षितिज सूर्य की लालिमा से सिन्दूरी आभा में परिणत होने लगा। श्रद्धालुओं का उत्साह भगवान सूर्य को अर्घ्य दान के लिए तत्पर दिखा। जैसे हीं आकाश में भगवान सूर्य की पहली किरण दिखाई दी वैसे हीं छठ व्रती और श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देना प्रारंभ किया। व्रतियों ने परिजनों के साथ विभिन्न प्रकार के पकवान व फल आदि पूजन सामग्रियों से सुसज्जित सूप सहित भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। छठव्रत के दौरान नियम निष्ठा से अर्घ्य देकर व्रतियों और श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य से परिजनों के लिए आयुष्य आरोग्यता और सुख समृद्धि का आशीष मांगा। शंकरपुर लछहा नदी के तट पर,पैकपार,सोनापुर, सिमरबनी, जयनगर, कुसमौल, भरगामा, कदमाहा,सोनापुर,खजुरी,मनुल्लाहपट्टी आदि घाटों पर चारों तरफ हजारों लोग तड़के सुबह से लेकर छठव्रत संपन्न होने तक मौजूद रहे। छठपूजा के समापन पर छठव्रतियों ने नदी, पोखर,नहर तट पर मौजूद सुहागिनों को सिंदुर पहनाया और प्रसाद वितरण किया। इस क्रम में छठ घाटों पर छठव्रतियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
