बिहार

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर मंथन, एम्स पटना में राष्ट्रीय सर्वेक्षण के तहत कार्यशाला

पटना, अजित। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-2 के तहत मानसिक स्वास्थ्य प्रणाली आकलन कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें बिहार में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और सुधार के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के सहयोग से यह सर्वे पिछले एक वर्ष से बिहार के कई जिलों, जिनमें पटना भी शामिल है, में चल रहा है. यह सर्वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत देश के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में कराया जा रहा है।

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कार्यशाला में सर्वेक्षण से प्राप्त प्रमुख तथ्यों को साझा किया गया और बिहार में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जनोपयोगी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया. कार्यशाला का संचालन बिहार में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-2 के प्रधान अन्वेषक प्रोफेसर डॉक्टर संजय पांडेय एवं सह-प्रधान अन्वेषक प्रोफेसर डॉक्टर पंकज कुमार ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (ब्रिगेडियर) डॉक्टर राजू अग्रवाल ने की। कार्यशाला में बिहार सरकार की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉक्टर सरिता कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु सहित अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने वर्चुअल माध्यम से भी अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों तक आसानी से पहुंचें और जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

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