फुलवारीशरीफ, अजित। पटना के नौबतपुर प्रखंड स्थित बादिपुर गाँव में मंगलवार को पशु कल्याण सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पशुपालक शामिल हुए और अपने पशुओं की जांच कराई. शिविर के दौरान गाय और भैंसों का नि:शुल्क गर्भ जांच, गोबर जांच और बीमार पशुओं का उपचार कर दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।
शिविर को संबोधित करते हुए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. निर्मल सिंह दहिया ने कहा कि कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार बेहद जरूरी है और यह तभी संभव है जब उच्च गुणवत्ता वाले सीमेन का उपयोग किया जाए. उन्होंने पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए नियमित टीकाकरण की भी सख्त जरूरत बताई।
कार्यक्रम में मौजूद पशुपालकों ने वैज्ञानिकों से अच्छी नस्ल का सीमेन प्राप्त करने में हो रही कठिनाइयों और तत्काल चिकित्सा सुविधा की कमी जैसी समस्याएँ साझा कीं. इस पर डॉ. दहिया ने सलाह दी कि पशुपालक कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों से जुड़ें और विश्वविद्यालय के ई-किसान समाधान ग्रुप का हिस्सा बनें. उन्होंने बताया कि हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को ज़ूम मीटिंग के जरिए विशेषज्ञ पशुपालकों की समस्याओं का समाधान करते हैं. साथ ही उन्होंने 1962 हेल्पलाइन का भी जिक्र किया जिसके जरिए एम्बुलेटरी सेवा द्वारा तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
शिविर में कुल 90 पशुओं का इलाज किया गया. बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के वरीय वैज्ञानिक डॉ. सरोज कुमार रजक ने लम्पी स्किन रोग को अत्यंत घातक बताते हुए शीघ्र टीकाकरण की अपील की. उन्होंने बरसाती मौसम में होने वाले गलाघोंटू और लंगड़ी रोग के टीके भी आवश्यक रूप से लगवाने की सलाह दी।
इस अवसर पर गर्भ विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अंकेश कुमार ने गर्भ जांच की, वहीं डॉ. आर.के. शर्मा ने गोबर जांच कर परजीवी रोगों की पहचान की. इसके अलावा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का ज्ञान वाहन भी पहुँचा, जिसका नेतृत्व श्री अमित कुमार ने किया. ज्ञान वाहन द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न बीमारियों की जानकारी दी गई और प्रसार सामग्री वितरित की गई। शिविर में मधुरेन्द्र कुमार आर्य सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
