फुलवारी शरीफ, (न्यूज़ क्राइम 24) इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा खान की गिरफ्तारी और उनके समर्थकों के साथ अमानवीय व्यवहार पर इमारत-ए-शरिया के अमीरे शरीयत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा कि अपने पैगंबर से मोहब्बत का इज़हार ईमान का हिस्सा है, इसे अपराध नहीं माना जा सकता. उन्होंने यूपी सरकार से मांग की कि मौलाना तौकीर रज़ा समेत सभी बेगुनाह लोगों को सम्मान के साथ रिहा किया जाए और देश में अमन व मोहब्बत का माहौल कायम रखा जाए.
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा मुसलमानों की जिम्मेदारी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चिंता जाहिर
इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अमीरे शरीयत मौलाना सैयद अहमद वली फैसल रहमानी ने सुप्रीम कोर्ट के वक्फ एक्ट 25 पर अंतरिम फैसले को निराशाजनक और चिंताजनक बताया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाला है और मुसलमानों को मिलकर इसकी हिफाजत की जिम्मेदारी निभानी होगी. बैठक में नायब अमीरे शरीयत मौलाना शमशाद रहमानी समेत कई विद्वानों ने जनजागरूकता, पुस्तिका प्रकाशन, प्रेस कॉन्फ्रेंस और शांतिपूर्ण विरोध जैसे सुझाव दिए. हजरत अमीरे शरीयत ने सभी जिलों से ट्रस्टियों की सूची तैयार कर भविष्य की रणनीति में सहयोग देने की अपील की.
