बिहार

स्वच्छता, गुणवत्ता और रोगी देखभाल में एम्स पटना की मजबूत पहचान

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में कायाकल्प बाह्य मूल्यांकन 2025–26 का सफल आयोजन 6 एवं 7 फरवरी 2026 को किया गया। यह मूल्यांकन राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (NIHFW) नई दिल्ली से आए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तय गाइडलाइंस के अनुसार किया गया।

मूल्यांकन की शुरुआत नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत सिन्हा द्वारा दी गई एक सरल और जानकारीपूर्ण प्रस्तुति से हुई जिसमें एम्स पटना की अस्पताल व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण उपाय, स्वच्छता प्रणाली, रोगी केंद्रित सेवाएं और गुणवत्ता सुधार से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञ दल ने अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, फार्मेसी, अस्पताल रसोई और स्वच्छता सेवाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण रोगी सेवा क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके साथ-साथ अस्पताल से संबंधित कई अहम दस्तावेजों की जांच भी की गई।

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यह पूरा मूल्यांकन कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) अनूप कुमार और उप निदेशक (प्रशासन) निलोत्पल बल के नेतृत्व में अस्पताल प्रशासन विभाग के समन्वय से संपन्न हुआ। मूल्यांकन के दौरान सभी उप चिकित्सा अधीक्षक, स्वच्छता अधिकारी, नर्सिंग अधिकारी और इंजीनियरिंग टीम उपस्थित रही जिससे सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कायाकल्प मानकों का पालन सुनिश्चित हुआ। विशेषज्ञ दल ने एम्स पटना की स्वच्छता व्यवस्था, गुणवत्ता प्रबंधन और रोगी सुरक्षा उपायों की सराहना की और संस्थान की तैयारियों एवं सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।

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