पटना, अजित। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अति महत्वाकांक्षी योजना हर घर को शुद्ध नल के जल का पानी उपलब्ध कराने की योजना पटना के जिले के गौरीचक थाना क्षेत्र के कोली गांव में धरातल पर नहीं उतर पा रहा है गांव के लोगों कहना है कि एक दबंग व्यक्ति के द्वारा जानबूझकर नल जल योजना का पानी का पाइप काटकर मिट्टी में दबा दिया गया जिससे आगे के घरों को नल जल योजना के लाभ नहीं मिल पा रहा था. इसके बारे में शिकायत कई बार अधिकारों से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई .शनिवार को विभाग के अधिकारी वहां पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही प्रभावित लोगों के घर तक शुद्ध नल का जल का पानी पहुंचाने लगेगा।
लखीपुर कोली गांव में नल-जल योजना के तहत पाइप काटकर आगे की जलापूर्ति बाधित किए जाने का आरोप एक दबंग व्यक्ति पर लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि इस हरकत के कारण पिछले डेढ़ वर्ष से करीब 30 से 35 परिवार पेयजल संकट झेल रहे हैं. इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन लगातार अनसुनी होने के बाद शनिवार 31 जनवरी 2026 को ग्रामीणों ने दुर्गा मंदिर परिसर में इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी पीड़ा मीडिया व प्रशासन के सामने रखी। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना का कार्य पहले ठीक से संचालित हो रहा था, लेकिन एक दबंग व्यक्ति द्वारा पाइप काट दिए जाने के बाद आगे के घरों तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. इसके बाद से महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर पीएचडी विभाग में मौखिक और लिखित शिकायतें कई बार दी गईं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि पानी की कमी के कारण रोजमर्रा की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है. घरेलू कार्यों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है. महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे और बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
प्रदर्शन की सूचना पर पीएचडी पटना पश्चिमी के अभियंता अनिकेत कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि स्थल का जायजा लिया गया है और नल-जल योजना की आपूर्ति वास्तव में बाधित पाई गई है. उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्य तत्काल शुरू कर दिए गए हैं और पूरी कोशिश की जा रही है कि ग्रामीणों को जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल की जाए।
अभियंता अनिकेत कुमार ने यह भी कहा कि जरूरी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं और स्थानीय निरीक्षण टीम को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोबारा ऐसी समस्या उत्पन्न न हो। हालांकि ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने पीएचडी विभाग की तात्कालिक पहल का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. ग्रामीणों ने मांग की कि जलापूर्ति बहाल करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए और भविष्य में नल-जल योजना की नियमित जांच व रखरखाव सुनिश्चित किया जाए. साथ ही, दबंग द्वारा पाइप काटे जाने के आरोप की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शन में शंभू शरण सिंह, नित्यानंद सिंह, लालबाबू सिंह, त्रिवेणी सिंह, रामबली सिंह, रणजीत सिंह, पूर्व पंचायत समिति सदस्य लालदेव सिंह, राकेश सिंह, अर्जुन सिंह, गुलशन कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
