फुलवारीशरीफ, अजीत। अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी खानपान की सही आदतों को अपनाना भी है. इसी संदेश के साथ विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को एम्स पटना के आहार विज्ञान विभाग की ओर से अस्पताल के आईपीडी फोयर में खाद्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों को पौष्टिक भोजन के महत्व तथा उसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना था।
प्रदर्शनी में मोटे अनाज, दालों, स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध उत्पादन में सहायक खाद्य पदार्थों तथा बिहार के स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया. इन खाद्य पदार्थों के पोषण संबंधी गुणों और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देकर लोगों को अपने दैनिक भोजन में पारंपरिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया. प्रदर्शनी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थ भी बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित आहार का महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
इस अवसर पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. पूनम प्रसाद भदानी, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, अस्पताल प्रशासन के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा, आहार एवं रसोई सेवाओं के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. स्वर्णिम तथा मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. ऋचा जायसवाल उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी को देखने के लिए मरीजों, उनके परिजनों, एम्स कर्मियों और अन्य आगंतुकों में खासा उत्साह देखने को मिला. लोगों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के पोषण संबंधी गुणों और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की. प्रदर्शनी में पारंपरिक खानपान और स्थानीय खाद्य पदार्थों के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
इस पहल के माध्यम से एम्स पटना ने स्वस्थ खानपान की आदतों को बढ़ावा देने और आम लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया. कार्यक्रम ने इस बात पर जोर दिया कि सही भोजन केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, रोगों से बचाव और स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव भी है।
