रामपुर, अवनीत शर्मा : रविवार रात पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के परिवार से हुई मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। मौर्य करीब 45 मिनट तक आजम खान के आवास पर रहे और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा समेत परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर हालचाल जाना।
रामपुर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य, आजम खान के परिवार से 45 मिनट मुलाकात
योगी सरकार पर लगाए बदले की भावना से कार्रवाई के आरोप, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उठाए सवाल
रामपुर। पूर्व मंत्री एवं अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य रविवार रात रामपुर पहुंचे। यहां उन्होंने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के परिवार से मुलाकात की। मौर्य ने आजम खान की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। करीब 45 मिनट तक चली इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। स्वामी प्रसाद मौर्य ने परिवार के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन जताया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा।
मौर्य ने आरोप लगाया कि आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई में बदले की भावना दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। ये आरोप मौर्य की ओर से लगाए गए हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त संवैधानिक संस्था की गरिमा के अनुरूप निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहे हैं और भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। ये भी मौर्य के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा और केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मुलाकात के सियासी मायने
आजम खान के परिवार से स्वामी प्रसाद मौर्य की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। हाल के महीनों में अलग-अलग विपक्षी नेताओं की आजम खान और उनके परिवार से मुलाकातें भी सामने आई हैं। अगस्त 2026 में शिवपाल यादव ने भी आजम खान से मुलाकात के बाद उनके परिवार से बातचीत की थी।
ऐसे में मौर्य की रामपुर यात्रा को भी प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्षी दलों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात से किसी नए राजनीतिक गठजोड़ या रणनीति का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।
