बिहार

महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया : डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) पूर्णिया जिला अंतर्गत काझा कोठी क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विशेष अपराध अनुसंधान शाखा की डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा ने खुद बच्चों और महिलाओं के बीच पहुँचकर उनसे सीधा संवाद किया और उन्हें कानून व सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं।आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी कार्यक्रम के दौरान डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा ने बच्चों को किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में बिना डरे मदद माँगने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बच्चों को संकट के समय उपयोग में आने वाले महत्वपूर्ण सरकारी हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा किकिसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें।बच्चों से जुड़ी समस्याओं या उत्पीड़न की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की मदद लें।ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ।पोक्सो एक्ट और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

डीएसपी ने विशेष रूप से पोक्सो (POCSO) एक्ट के महत्वपूर्ण नियमों और उसके उद्देश्यों के बारे में बच्चों व उनके अभिभावकों को जागरूक किया।उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण, उत्पीड़न या साइबर अपराध होता है, तो वे बिना किसी भय के आवाज उठाएँ। ऐसी स्थिति में उन्हें तत्काल अपने माता-पिता, नजदीकी पुलिस स्टेशन या संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देकर सक्षम प्राधिकार से सहायता लेनी चाहिए। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।

Related posts

मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से परसा संपतचक तक बनेगा नया डाउन रैंप, 82.25 करोड़ की मिली प्रशासनिक मंजूरी

एम्स के पास जंगल से लापता युवक का शव बरामद, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

ईएसआईसी आदर्श अस्पताल में राजभाषा पखवाड़ा का समापन, हिन्दी में कार्यालय कार्य करने पर जोर

error: