बिहार

गन्ना किसानों को अब डिजिटल पहचान और एआई चैटबॉट से मिलेगी योजनाओं की जानकारी

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) गन्ना किसानों को विभागीय योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने डिजिटल पहल की है। माननीय मंत्री श्री संजय कुमार, गन्ना उद्योग विभाग ने बुधवार को विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में ‘गन्ना साथी’ एआई चैटबॉट और गन्ना किसान डिजिटल पहचान पत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘गन्ना किसान पहचान पत्र’ प्रत्येक किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगा। इसके माध्यम से किसानों और गन्ना विभाग के बीच सूचनाओं एवं सेवाओं का आदान-प्रदान आसान होगा। पहचान पत्र पर उपलब्ध क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर किसान विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों, अपने आवेदन की स्थिति, महत्वपूर्ण सूचनाओं और किसान हित से जुड़ी अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

’बातचीत के जरिए मिलेगी सरकारी सेवाओं की जानकारी’

उनके द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), बिहार द्वारा गन्ना उद्योग विभाग के लिए विकसित ‘गन्ना साथी’ एआई आधारित नागरिक सहायता चैटबॉट है। इसका उद्देश्य किसानों और नागरिकों को सरकारी सेवाओं तथा विभागीय जानकारियां सरल और संवादात्मक तरीके से उपलब्ध कराना है। चैटबॉट की खासियत यह है कि किसान को यह पता लगाने की जरूरत नहीं होगी कि विभागीय पोर्टल पर कौन-सी सेवा किस मेन्यू में उपलब्ध है। ‘गन्ना साथी’ बातचीत के दौरान चरण-दर-चरण मार्गदर्शन करेगा। किसान विकल्प चुनकर या आवश्यकतानुसार थोड़ी जानकारी दर्ज कर अपनी जरूरत की सेवा तक पहुंच सकेगा।

’आवेदन और परमिट की स्थिति भी जान सकेंगे’

माननीय मंत्री संजय कुमार ने बताया कि ‘गन्ना साथी’ के जरिए किसान अपने आवेदन की स्थिति, परमिट की स्थिति और दावे की स्थिति जैसी व्यक्तिगत जानकारियां भी देख सकेंगे। इससे विभिन्न पेजों और मेन्यू में जाने की जरूरत कम होगी। चैटबॉट बातचीत के दौरान संदर्भ को समझते हुए आगे के सवालों का जवाब देगा। गन्ना आईडी अथवा आवेदनध्संदर्भ संख्या जैसी जानकारी जरूरत पड़ने पर एक बार दर्ज करने के बाद उसी बातचीत में दोबारा दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग के अनुसार, सत्र समाप्त होने पर बातचीत से संबंधित जानकारी हटा दी जाती है।

’हिंदी और अंग्रेजी में सुविधा, जवाब सुनने का भी विकल्प’

उन्होंने बताया कि डिजिटल सेवा को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘गन्ना साथी’ में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बातचीत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा चैटबॉट के जवाबों को सुनने के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच यानी रीड-अलाउड सुविधा भी दी गई है।

सचिव ने ‘गन्ना साथी’ को किसान हित में महत्वपूर्ण डिजिटल पहल बताया एवं निवेशकों से की अपील-

गन्ना साथी’ एआई चैटबॉट के बारे में जानकारी देते हुए गन्ना उद्योग विभाग के सचिव ने बताया कि यह पहल किसानों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी सरल, सहज और संवादात्मक तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि चैटबॉट के माध्यम से किसान योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा अन्य विभागीय जानकारियां बातचीत के जरिए प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल सेवाओं के विस्तार की इसी कड़ी में सचिव ने गन्ना उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में उपलब्ध सीमित प्राइम लैंड के लिए इच्छुक निवेशकों से Expression of interest (EOI) आमंत्रित किया गया है। इच्छुक निवेशक SIPP Portal के माध्यम से अपनी रुचि दर्ज कर सकते हैं।

ईखायुक्त ने ‘गन्ना साथी’ एआई चैटबॉट और गन्ना किसान डिजिटल पहचान पत्र की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल किसानों को विभागीय योजनाओं, सेवाओं और उनकी व्यक्तिगत आवेदन संबंधी जानकारी तक सरल, त्वरित और डिजिटल माध्यम से पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस मौके पर विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, ईखायुक्त श्री अनिल कुमार झा, संयुक्त ईखायुक्त श्री वेदव्रत कुमार, एनआईसी, बिहार के उप महानिदेशक सह राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) श्री संजय कुमार, वैज्ञानिक-डी श्री राधेश्याम एवं श्री राहुल कुमार शर्मा तथा वैज्ञानिक तकनीकी सहायक-बी श्री अंकुर रंजन सहित विभाग एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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