फुलवारीशरीफ, अजित। क्षेत्र में कॉर्नियल अंधत्व से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एम्स पटना में 23 फरवरी 2026 को अत्याधुनिक नेत्र बैंक का विधिवत उद्घाटन किया गया. यह पहल नेत्रदान को बढ़ावा देने और कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है। उद्घाटन सत्र की शुरुआत नेत्र विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अमित राज के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने कॉर्नियल अंधत्व की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए जनजागरूकता और स्वैच्छिक नेत्रदान को आवश्यक बताया। मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीन कृष्णा वड्दावल्लि, निदेशक एल वी प्रसाद आईं इंस्टीट्यूट, हैदराबाद ने “आई बैंक 2.0” विषय पर व्याख्यान देते हुए आधुनिक संरक्षण तकनीकों और तकनीकी एकीकरण की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
मेडिकल अधीक्षक प्रो. डॉ. अनुप कुमार और कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए नेत्र सेवाओं के विस्तार के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और राज्य के कई प्रमुख नेत्र रोग विशेषज्ञ मौजूद रहे। नेत्र बैंक की स्थापना से अब कॉर्निया संकलन, संरक्षण और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे अंधत्व से जूझ रहे मरीजों को नई रोशनी और नई उम्मीद मिल सकेगी।
