पटनासिटी, रॉबीन राज। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना, सी.सी.आर.ए.एस., आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर संस्थान प्रभारी डॉ. रोहित कुमार रावते ने आयुष मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के संयुक्त तत्वावधान में 17-19 दिसंबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले द्वितीय वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।
संस्थान प्रभारी डॉ. रोहित कुमार रावते ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के वैज्ञानिक आधार, अनुसंधान, वैश्विक नीति सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। डॉ. रावते ने बताया कि सम्मेलन के दौरान ब्राज़ील, वियतनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड सहित लगभग 20 देशों के साथ द्विपक्षीय बैठके आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग एवं ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना है। सम्मेलन के विशेष सत्र में विश्व के प्रमुख विशेषज्ञ अश्वगंधा पर आधारित आधुनिक अनुसंधान, मानकीकरण, सुरक्षा, गुणवत्ता तथा नियामक विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे, ताकि अश्वगंधा को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर वैश्विक स्वास्थ्य एवं वेलनेस सिस्टम में एकीकृत किया जा सके।
इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों से लगभग 5000 वर्चुअल प्रतिभागी, 700 से अधिक प्रत्यक्ष प्रतिभागी, 79 स्वास्थ्य मंत्रालयों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल, 20+ देशों के स्वास्थ्य मंत्री/उप मंत्री, विदेशी राजनयिक, सरकारी अधिकारी, आयुष उद्योग प्रतिनिधि, छात्र एवं शोधकर्ता शामिल होंगे। भारत सरकार इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक समुदाय को यह प्रदर्शित कर रही है कि किस प्रकार पारंपरिक चिकित्सा विशेष रूप से आयुष डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मिलकर वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य को नया स्वरूप दे सकती है। यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, अनुसंधान सहयोग और वैश्विक नीति-निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक मंच सिद्ध होगा। प्रेस वार्ता में संस्थान के डा. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.), डा. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) सहित संस्थान के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
