फुलवारीशरीफ, अजित। राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने पारस हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के तेज और सटीक उपचार के लिए अत्याधुनिक लिनेक और पेट सीटी मशीनों का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां, एमडी डॉ. धर्मिंदर नागर, जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार, जनरल सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अहमद अब्दुल हई, आर्थोपेडिक विभाग के डायरेक्टर डॉ. जॉन मकोपाध्याय, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. शेखर केशरी और डॉ. चिन्मय बिसवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई. अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने कहा कि पारस हॉस्पिटल में आधुनिक तकनीक की दूसरी मशीनें लिनेक और पेट सीटी स्थापित होने से कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद जगी है. उन्होंने कहा कि पारस हॉस्पिटल शुरू से ही उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और अब अधिक सुविधाओं के साथ और बेहतर इलाज कर सकेगा. एक समय था जब कैंसर का नाम सुनकर लोग भयभीत हो जाते थे, लेकिन आज आधुनिक विज्ञान, नई दवाइयों और हमारे चिकित्सकों के प्रयास से यह बीमारी अब उतनी डरावनी नहीं रही. उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल इलाज नहीं करते बल्कि अपने व्यवहार और संवाद से मरीजों तथा परिजनों का मनोबल भी बढ़ाते हैं. अब बिहार में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एमडी डॉ. धर्मिंदर नागर ने कहा कि मैंने इंग्लैंड में चिकित्सक के रूप में कार्य किया और महसूस किया कि हर व्यक्ति की स्वास्थ्य जरूरतें समान हैं. अस्पताल वहीं होने चाहिए जहां वास्तव में उनकी आवश्यकता हो. मुझे याद है जब एनसीआर और कोलकाता के बीच सिर्फ एक पेट सीटी स्कैन मशीन थी और देश की बड़ी आबादी को यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी. तब मैंने ठाना कि जब दिल्ली और गुड़गांव में यह मशीनें हैं तो बिहार में क्यों नहीं. आज हम अपने मरीजों से यह वादा करते हैं कि उनका इलाज ईमानदारी और उचित कीमत पर किया जाएगा।
जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने कहा कि बिहार की धरती पर उन्नत चिकित्सा विज्ञान का जो सपना दस वर्ष पहले देखा गया था, आज वह साकार हुआ है. इसका श्रेय हमारे एमडी डॉ. धर्मिंदर नागर को जाता है, जिनके मार्गदर्शन में पारस हॉस्पिटल ने वो सुविधाएं विकसित की हैं जो देश के किसी भी कॉरपोरेट अस्पताल में उपलब्ध हैं. मरीजों का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, जो हमें निरंतर आगे बढ़ा रही है।
आर्थोपेडिक डायरेक्टर डॉ. जॉन मकोपाध्याय ने कहा कि यह मशीनें बिहार में चिकित्सा सेवाओं के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगी. जनरल सर्जरी डायरेक्टर डॉ. अहमद अब्दुल हई ने कहा कि कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिनेक और पेट सीटी मशीनें इलाज को और सटीक बनाएंगी. अब हम कैंसर की स्थिति और फैलाव का सटीक आकलन कर पाएंगे. लिनेक मशीन टार्गेटेड रेडिएशन से सीधे कैंसर कोशिकाओं पर वार करेगी. यह बिहार के लिए एक बड़ी सौगात है।
