बिहार

डीएम ने भरगामा प्रखंड व अंचल कार्यालय का किया निरीक्षण

अररिया, रंजीत ठाकुर जिलाधिकारी अनिल कुमार बुधवार को अचानक भरगामा प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचकर विभागवार विकास कार्यों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण से पूरे प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी लेने के बाद जरूरी अभिलेखों का जांच किया। तत्पश्चात उन्होंने प्रखंड सह अंचल कार्यालय के बाहरी स्थिति का अवलोकन किया। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। साथ हीं आधार सेंटर का निरीक्षण के क्रम में ऑपरेटर मनीष कुमार के कार्यों में लापरवाही सामने आयी। जिस पर भड़कते हुए उन्होंने उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सकों व स्टाफ की उपलब्धता,दवाइयां की उपलब्धता के साथ परिसर की साफ-सफाई का अवलोकन किया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण के दौरान कई पंचायतों के आम जनताओं को मुख्य द्वार पर हीं रोका दिया गया था,क्योंकि अधिकारियों-कर्मचारियों की कलई ना खुल जाए। जिसमें सबसे अधिक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग,आईसीडीएस विभाग,पीएचईडी विभाग,शिक्षा विभाग,पंचायती राज विभाग, मनरेगा विभाग,पीएम आवास विभाग,ग्रामीण विकास विभाग आदि की थी। लोगों का आरोप था कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन सहित अन्य राजस्व कार्यों की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद भी यहां पर बिना किसी दलाल के कोई भी काम करवाना अब भी बड़ी बात मानी जाती है। हर काम के लिए दलालों ने रेट निर्धारित कर रखा है। लोगों का आरोप था कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए पोषाहार आने के बाद भी विभाग की ओर से पोषाहार नहीं दिया जा रहा है।

लोगों का आरोप था कि नल-जल योजनाओं से नियमित शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है,शिकायत के बावजूद भी कोई देखने वाला नहीं है। लोगों का आरोप था कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को मीनू के अनुसार खाना नहीं दिया जा रहा है। उन्हें सिर्फ दाल,चावल, आलू व सोयबीन की सब्जी परोसी जा रही है। लोगों का आरोप था कि पीएम आवास योजनाओं में जमकर धांधली हो रही है,आवास सहायक सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों के द्वारा आवास योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर मोटी रकम मांगी जा रही है। लोगों का आरोप था कि पंचायती राज एवं मनरेगा योजनाओं से हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यस्थल पर बिना सूचना पट्ट लगाए हुए लोकल उजला बालू,घटिया ईंट,सफेद मिट्टीयुक्त गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इस तरीके से मनमाने ढंग से घटिया कार्य करने पर ग्रामीणों के द्वारा विरोध भी किया जाता है,लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं होता है।

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लोगों का आरोप था कि शौचालय निर्माण करवाने के नाम पर 2 हजार रूपये की अवैध वसूली की जाती है। विभिन्न पंचायतों के लोगों का आरोप था कि पंचायत सचिव पंचायत कार्यालय में नही बैठते हैं,यदि कोई काम के लिए आम जनता उनके पास कॉल करता है,तो उन्हें डांट-फटकार कर फोन काट देते हैं। निरीक्षण के पश्चात डीएम ने बताया कि फिलवक्त जिले का भ्रमण का कार्यक्रम चल रहा है। सामान्य निरीक्षण के क्रम में प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रखंड कर्मियों की कार्यप्रणाली को देखा व परखा जा रहा है।

उन्होंने आपदा व विकास योजनाओं से संबंधित चल रहे कई कार्यों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रखंड और अंचलकर्मी अपने अपने कार्यों में लापरवाही नहीं बरते। लापरवाही पाए जाने पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा। क्षेत्र के लोगों का कार्य समय पर हो। जिसके लिए निर्देश दिया गया है। अगर किसी पदाधिकारी और कर्मी की शिकायत साक्ष्य के साथ मिलेगा तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एडीएम राजमोहन झा,एसडीएम शैलजा पाण्डेय,बीडीओ शशि भूषण सुमन,सीओ निरंजन कुमार मिश्र,आरओ रविराज सिंह,एमओ रामकल्याण मंडल,सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।

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