पटना, अजीत : गुरु पूर्णिमा के पूर्व संध्या पर युवाओं और विशेष कर स्टूडेंटस् के लिए योग गुरु श्वेतक आनंद ने एक वेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि इंसान को माता-पिता के आलावा जीवन के हर मोड़ पर हर क्षेत्र में सम्मान और अपने उज्जवल भविष्य की झलक अपने गुरु के मार्गदर्शन में ही मिलती है. उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान तो करना ही चाहिए गुरु के विचारों को अपने जीवन में उतार कर आगे बढ़ने से आपको कोई रोक नहीं सकता. जब कभी किसी भी मोड़ पर आप अपने आप को असहाय और निर्जीव की तरह महसूस करें तो अपने गुरु का ध्यान करें और अपने माता-पिता का ध्यान करें.उन्होंने कहा कि सबसे पहले गुरु माता पिता ही होता है.सनातन संस्कृति में आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु के लिए समर्पित किया गया है.
इस गुरु पूर्णिमा युवाओं को यह संकल्प लेना है कि हमें अपनी सनातन संस्कृति परंपरा को आगे ले जाना है और अपनी भारत की विविधता एकता के लिए अपना सब कुछ लगा देना है. लाखों युवाओं के आदर्श योग गुरु श्वेतक आनंद ने अपना संदेश देते हुए कहा कि सही मायने में गुरु ही शिष्यों को अज्ञानता से हटाकर ज्ञान की राह की ओर ले जाते हैं और इसी मार्ग में उनका ईश्वर से साक्षात्कार होता है. जीवन में गुरु के विचार आदर्श और सम्मान के बगैर कुछ भी सफलता हासिल करना संभव नहीं है. गुरु ही हमें यह साहस देते हैं कि हम अपने समाज के लिए क्या दे सकते हैं. आज हर युवाओं को सूचना होगा हम अपने समाज के लिए क्या दे रहे हैं अपनी भविष्य की युवा पीढ़ी के लिए क्या दे रहे हैं.हमेशा दूसरों पर दोष मढ़कर स्वयं को बचाने की प्रवृत्ति का त्याग करें.खुद पर भरोसा रखो और अपना निर्णय स्वयं लेकर आगे बढ़ो.कौन क्या करता है इसकी चिंता छोड़कर अपने कर्म पर विश्वास करो.
