फुलवारी शरीफ, अजित : पटना एम्स में मीत मामले में पहुंची सीबीआई ने चार मेडिकल स्टूडेंट को हिरासत में लिया तो एम्स में दिन भर हलचल का माहौल हो गया. नेट मामले की जांच की आंख पटना एम्स पहुंचते हैं सर गर्मी बढ़ गई.एम्स प्रशासन दिन भर मुसतैद रहा कि कहीं फिर से सीबीआई की टीम कहीं पहुंच ना जाये.हलचल के बीच आम दिनों के तरह एम्स में काम काज हुआ मगर छात्रवास का नजारा बदला बदला सा था.एम्स के चार छात्रों को सीबीआई द्वारा पूछताछ के लिए ले जाने के बाद दूसरे दिन छात्रवास का नजारा ही बदला बदला सा था.हर एक छात्र एक दूसरे से इनके बारे में जानकारी लेने और चर्चा करते नजर आ रहे थे. इस मामले को लेकर पटना एम्स के निदेशक डॉक्टर जी के पाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया.
हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस पहले से आयोजित नहीं था जब मीडिया वाले इस तरह की जानकारी लेने पहुंचे तो उन्होंने पूरी जानकारी मीडिया वालों को दी. पटना एम्स के निदेशक डॉक्टर जीके पाल ने बताया कि एक स्टूडेंट ने खुद जाकर वहां सरेंडर कर दिया और तीन स्टूडेंट्स को यहां से सीबीआई वाले लेकर चले गए.उन्होंने बताया कि थर्ड ईयर का स्टूडेंट चंदन सिंह,कुमार सानू और राहुल आनंद और चौथा करण जैन सेकंड ईयर का स्टूडेंट है.
चंदन सिंह सिवान, राहुल आनंद धनबाद निवासी है फिलहाल पटना मे रहता है. निट मामले में गिरफ्तार किए गए कुमार सानू भी पटना का रहने वाला. इसके अलावा करण जैन अररिया का रहने वाला है. निदेशक ने बताया कि सीबीआई वालों ने कहा था कि इन स्टूडेंट्स के कमरे को सील कर दिया जाए और उनके पास जो भी अन्य दस्तावेज है उन्हें फिलहाल ले जा रहे हैं इसकी जांच की जाएगी. निदेशक ने बताया कि सीबीआई को जो भी सहायता देनी है हम हर संभव सहयोग कर रहे हैं और आगे भी वह जब दोबारा आएंगे तो उन कमरों की तलाशी लेंगे तो हम उन्हें खोलकर उन्हें पूरा सहयोग करेंगे
