पटना(न्यूज क्राइम 24): पटना-सह-अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने सड़क सुरक्षा हेतु आम नागरिकों के बीच नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा सप्ताह, 2023 के शुभारंभ के अवसर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तियों एवं पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा के बारे मंे नागरिकों को जानकारी देकर तथा आम जनता के द्वारा इसका अनुपालन कर दुर्घटनाओं की विभीषिकाओं को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही, दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन को जिला प्रशासन द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि यहाँ पर उपस्थित प्यारे बच्चे एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति सड़क सुरक्षा अभियान में ब्रैण्ड एम्बेसडर की भूमिका निभाएंगे। वे सभी अपने-अपने परिवार, समाज, सम्पर्क के सभी लोगों, विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर यातायात एवं सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे तथा उन्हें नियमों एवं प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करेंगे।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि दुर्घटना के मुख्य कारणों में जानकारी का अभाव न होकर इसका अनुपालन नहीं किया जाना है। लोगों के बीच सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी है, परन्तु कुछ लोग लापरवाह हैं एवं इसका अनुपालन नहीं करते हैं, फलस्वरूप दुर्घटना घटती है।
उन्होंने कहा कि हम सबको सड़क दुर्घटना के दुष्परिणामों के संबंध में सोचने की जरूरत है। अपने जीवन के साथ-साथ दूसरे के जीवन को भी लापरवाह लोग खतरे में डालते हैं। नवनिर्मित जेपी गंगापथ पर कुछ युवा मोडिफायड बाईक के द्वारा काफी हाई स्पीड में तरह-तरह की गतिविधि करते हैं एवं अपने जीवन के साथ-साथ दूसरों के जीवन के लिए भी खतरा उत्पन्न करते हैं।
इसके प्रति सचेत होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा जगह-जगह सीसीटीवी का संस्थापन किया गया है। ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट का दुपहिया वाहन का प्रयोग करना, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करना, मानक के अनुसार हेलमेट का प्रयोग नहीं करना आदि मामलों में त्वरित एक्शन लिया जाता है।
शहर में इन्टीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम लागू किया जा रहा है। कैमरों से शहर की निगरानी, रेड लाईट वायलेशन डिटेक्शन, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन सहित अन्य सॉफिस्टिकेटेड तकनीकों के माध्यम से आने वाले समय में नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के दरम्यान डीएम डॉ. सिंह द्वारा सभी उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित शपथ दिलाई गयी। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी भागीदारों (स्टेकहोल्डर्स) को प्रतिबद्ध* रहना होगा। *बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन, बिना सीट बेल्ट बांधे चारपहिया वाहन तथा वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का उपयोग नहीं करने के प्रति सभी को दृढ़ संकल्पित होना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह दिनांक 11-17 जनवरी, 2023 के दौरान सम्पूर्ण जिला में मनाया जा रहा है*। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किये गये है। डीएम डॉ. सिंह ने पदाधिकारियों को सभी कार्यक्रमों में *जनसहभागिता* सुनिश्चित कर कार्यक्रम को सफल बनाने का निदेश दिया है।
डीएम डॉ. सिंह के निदेश पर सड़क सुरक्षा सप्ताह के आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन कार्यक्रम एवं जाँच अभियान चलाया जाएगा। दिनांक 11 जनवरी, 2023 को गुड सेमेरिटन को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया तथा गलत दिशा में वाहन चालन एवं ओवरलोडिंग पर विशेष जाँच अभियान चलाया गया।
12 जनवरी को वाहन चालकों का नेत्र एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर तथा रिफ्लेक्टिव टेप, इन्श्योरेन्स एवं फिटनेश पर विशेष जाँच अभियान; 13 जनवरी को एन.सी.सी./कॉलेज एवं कॉलेज एम्बेस्डर द्वारा स्कूल/कॉलेज के छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम तथा उनके बीच स्लोगन/भाषण/वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन तथा एन.एच. पर विशेष जाँच अभियान एवं वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप का अधिष्ठापन; 14 जनवरी को ट्रक, ऑटो एवं बीएसआरटीसी बस चालकों को ड्राईवर रिफ्रेशर ट्रेनिंग तथा हेलमेट जाँच, हेलमेट बकल जाँच, हेलमेट बिक्रेताओं की जाँच एवं मानक के अनुसार हेलमेट की बिक्री नहीं करने वाले दुकानदारों पर नियमानुसार कार्रवाई; 16 जनवरी को फर्स्ट एड एवं पी.एच.टी. पर प्रशिक्षण तथा एमवी ऐक्ट के प्रावधानों के अनुसार ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों की जाँच एवं अंकेक्षण तथा 17 जनवरी को कला-जत्था/अन्य नाट्य कलाकारों के माध्यम से जिले के महत्वपूर्ण स्थलों पर नुक्कड़-नाटकों का आयोजन तथा एमवी ऐक्ट के प्रावधानों के अनुसार हेलमेट/सीट बेल्ट/वाहन चालन के दौरान मोबाईल का प्रयोग एवं एसएलडी पर सघन वाहन जाँच अभियान, साईकिल बिक्रेताओं की जाँच (न्यूनतम 10 रिफ्लेक्टरों के साथ साईकिल का विक्रय) अभियान चलाया जाएगा।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि विश्व सड़क साख्यिकी के आंकड़ों के अनुसार 13 लाख मृत्यु तथा 5 करोड़ इंजरी सड़क दुर्घटना के कारण प्रतिवर्ष घटित हो रहा है। हमारा देश 199 देशों में सड़क दुर्घटना के मामले में प्रथम स्थान पर है। पूरे विश्व में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई मृत्यु का लगभग 10 प्रतिशत भारत में हो रहा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमारा पटना जिला भी इससे बुरी तरह प्रभावित है। थानावार मासिक आंकड़ों का जिक्र करें तो वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना के कुल 415 मामले आए तथा 196 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। 201 व्यक्ति जख्मी हुए। हम सबको इसे रोकने की आवश्यकता है।
सड़क सुरक्षा के पाँच मुख्य घटक हैंः-
सुरक्षित यातायात व्यवहार, दुर्घटना-पश्चात देख-भाल, सड़क सुरक्षा प्रबंधन, सुरक्षित सड़क निर्माण तथा सुरक्षित वाहन निर्माण। हम सबको इसे सुनिश्चित करना चाहिए।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि आज कल रोडरेज की घटना भी काफी बढ़ गई है। लोग बेवजह उलझ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अध्ययन यह बताता है कि *तेज गति से चलने के वाबजूद गंतव्य पर पहुँचने में निर्धारित समय ही लगेगा। अतः *ओवरस्पीडिंग या ओवरटेक* से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की जानकारी हेतु समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स कराया जाएगा।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सड़क पर घायल व्यक्ति के प्रति हम सबको मानवीय दृष्टिकोण रखना चाहिए। संवेदनशीलता के आधार पर गोल्डेन आवर में उन्हें सहायता पहुँचा कर उनकी जान बचायी जा सकती है। अपने व्यक्तिगत अनुभव के बारे में शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे औरंगाबाद में प्रोबेशनर थे तो एक घायल व्यक्ति की ससमय सहायता किए जाने के फलस्वरूप उस व्यक्ति की जान बचायी जा सकी।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सहायता करने वालों को प्रशासन के तरफ से भी सभी सहयोग प्रदान किया जाता है। किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है। उनकी पहचान भी गुप्त रखी जाती है। डीएम डॉ. सिंह ने सभी अनुमंडलों एवं प्रखंडों, अस्पतालों तथा थानों में *गुड सेमेरिटेन (अच्छे मददगार व्यक्ति) से संबंधित प्रावधानों एवं नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निदेश दिया।
डीएम डॉ. सिंह ने सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने के लिए जन जागरूकता एवं व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु पर्याप्त मात्रा में बैनर, पोस्टर एवं होर्डिंग, फ्लैक्स, संकेतक लगाने का निदेश दिया है।
डीएम डॉ. सिंह ने स्वयं सेवी संगठनों, समाज सेवियो, माननीय जनप्रतिनिधियों, पत्रकार बंधुओं, छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, शिक्षकों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी इस सप्ताह के कार्यक्रमो में पूरे उत्साह से भाग लेने की अपील की है।
