झारखंड(न्यूज़ क्राइम 24): 15 लाख के इनामी नक्सली को बिहार के गया से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार नक्सली अमन गंझू उर्फ अनिल गंझू माओवादियों का जोनल कमांडर है। केंद्रीय रिजर्व पुलिसबल सीआरपीएफ और बिहार पुलिस के आला अधिकारी गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ कर रहे हैं।
फरवरी 2022 में सुरक्षाबलों ने लोहरदगा के बुलबुल इलाके में एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में कुख्यात माओवादी कमांडर रवींद्र गंझू के दस्ते को बड़ा नुकसान हुआ था। इस ऑपरेशन में नक्सली रवींद्र गंझू और अमन गंझू बचकर भाग निकले थे।नक्सली अमन गंझू बुलबुल जंगल छोड़कर छकरबंधा भाग गया था जबकि रवींद्र गंझू बूढ़ापहाड़ क्षेत्र में भाग गया था। हाल के दिनों में बिहार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल ने छकरबंधा इलाके में माओवादियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अमन गंझू लगातार चलाये जा रहे अभियान के दौरान पकड़ा गया।
अमन गंझू मूलरूप से बिहार के औरंगाबाद थाना क्षेत्र के ढिबरा का रहने वाला है। गिरफ्तार नक्सली ने सुरक्षाबलों को कई बड़ी जानकारियां दी हैं।15 लाख का इनामी नक्सली अमन गंझू भाकपा माओवादियों का जोनल कमांडर है। अमन एनआईए का भी वांटेड था। एनआईए ने भी उस पर इनाम घोषित कर रखा था।जानकारी के अनुसार लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुइया मोड़ में नवंबर 2019 की शाम चंदवा थाना के पीसीआर वैन पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा माओवादी संगठन के सब जोनल कमांडर रविन्द्र गंझू के दस्ते ने हमला करते हुए एएसआई सुकरात उरांव समेत होमगार्ड के तीन जवानों जमुना राम, दिनेश राम तथा एक अन्य को मौत के घाट उतार दिया था तथा जवानों के हथियार छीनकर फरार हो गया था।
झारखंड पुलिस ने इस मामले की जांच एनआईए से कराने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद एनआईए ने नई दिल्ली में नए सिरे से केस आरसी-25/2020/एनआईए डीएलआई 24 जून 2020 दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में पतिराम मांझी, अमन गंझू समेत करीब दो दर्जन नक्सली आरोपित हैं।
