बिहार

विधानसभा में गुंजेगा बछवाड़ा सीओ के निष्क्रियता व मासुमों के मौत का मामला!

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बछवाड़ा(राकेश यादव): कार्तिक पूर्णिमा को प्रशासनिक कुव्यवस्था के कारण दो सगे भाइयों के डुबकर मौत का मामला तुल पकड़ता जा रहा है। बताते चलें मंगलवार की देर रात समस्तीपुर जिले के मोड़वा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव जीते रणविजय साहु मृतक के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे। इस क्रम में उन्होंने मृतक के पिता राजेश साह, मृतक की मां एवं मृतक की बहन खुशबू कुमारी आदि से मिलकर सांत्वना दिया। परिजनों के आंसू रोकने से भी नहीं रुक रहे थे। मृतक गौरव कुमार व सौरभ कुमार के पिता रो-रो कर अपने पुत्र की मौत एवं प्रशासनिक कुव्यवस्था एवं अधिकारियों के निष्क्रियता से किस्से बयां कर रहे थे। इस क्रम में नव निर्वाचित विधायक नें तत्क्षण हीं जिलाधिकारी बेगूसराय से दुरभाष पर बात कर स्थानीय अधिकारियोंं के निष्क्रियता पर कार्रवाई करने की मांग तक कर डाला।

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उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि आश्चर्य की बात है कि घटना स्थल पर अंचलाधिकारी व थानाध्यक्ष से पहले तेघरा अनुमंडलाधिकारी व डीएसपी पहुंच जाते हैं। और बीडीओ तो अबतक परिजनों का हालचाल जनना भी मुनासिब नहीं समझा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के समय घटना स्थल पर पहुंचने भर से दोनों मृतकों की जान बचाई जा सकती थी। मगर स्थानीय अधिकारियों के निष्क्रियता नें राजेश साह को पुत्र विहीन बना दिया। विधायक नें काफी गुस्से के लहजे में कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में बछवाड़ा अंचलाधिकारी पर कार्रवाई की मांग को मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष पटल पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि झमटिया गंगा धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं से 70 लाख रुपए सालाना बतौर सैरात वसुली होती है। जबकि इन्हीं श्रद्धालुओं के सुविधाओं के लिए स्थानीय अधिकारियों के द्वारा एक रूपए भी नहीं खर्च किए जाते हैं।

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