बिहार होमगार्ड के जवानों के बिना बिहार पुलिस अधूरी – एसके सिंघल डीजीपी!

बिहटा(आनंद मोहन): बिहार गृह रक्षा वाहिनी के 74वे वार्षिक स्थापना दिवस के मौके पर बिहार गृह रक्षा वाहिनी के महानिदेशक सह बिहार डीजीपी संजीव कुमार सिंघल बिहटा के आनंदपुर स्थित गृह रक्षा वाहिनी के केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान पहुँचे। इस मौके पर गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ के महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा संजीव कुमार सिंघल ने भव्य परेड की सलामी देते हुए बैंड वादन प्रदर्शन, अग्नीजनित आपदा न्यूनीकरण प्रबंधन प्रदर्शन का निरीक्षण किया। महानिदेशक जवानों को संबोधित में रैतिक परेड का उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं मार्च पास्ट की प्रशंसा करते हुए कहा कि अल्पतम संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए पुलिस बल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी सहभागिता और भूमिका को अग्रणी रूप में निभा रही है। होमगार्ड जवानों के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं और उनके समक्ष नई चुनौतियां भी हैं। जवान इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करें। सरकार जवानों की बेहतरी के लिए कई योजना पर काम कर रही है। गृह रक्षा वाहनी के सशक्तीकरण की आवश्यकता है। बिहार विधानसभा चुनाव के समय भी होमगार्ड जवान का योगदान सबसे बड़ा रहा। बिहार में होमगार्ड जवानों को नया दायित्व दिया गया है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय मे अपराधियो के साथ मुठभेड़, निर्वाचन कर्तव्य या उग्रवादी हिंसा आदि मे शाहिद गृहरक्षकों के आश्रितों को पंद्रह लाख का अनुग्रह अनुदान एवं स्वयमसेवी के रूप में नामांकन की व्यवस्था की गई है। गृहरक्षकों के सेवा समाप्ति के बाद डेढ़ लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान का प्रवधान दिया गया है। वही उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में आदेश निर्गत किया गया है कि मृतक गृहरक्षकों के आश्रितों को एक माह के भीतर अनुकंपा पर नामांकन अनुग्रह अनुदान राशि की भुगतान करे। वही स्थापना दिवस समारोह में कोविड 19 का पालन किया गया।