अररिया, रंजीत ठाकुर। फारबिसगंज कटहरा स्थित सुलोचना देवी डॉ० डी० एल० दास सरस्वती शिशु बालिका विद्या मंदिर परिसर में गुरुवार से त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला शनिवार तक चलेगी, जिसमें शैक्षणिक एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। कार्यशाला के दौरान वार्षिक कार्य योजना निर्माण, छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास, समिति विकास, अभिभावक संपर्क तथा आचार्य विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन-मनन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव शिवनारायण दास भानु एवं प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सचिव शिवनारायण दास भानु ने कहा कि छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास में आचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आचार्य विद्यालय की रीढ़ होते हैं, इसलिए उन्हें पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को नवाचार अपनाने एवं निरंतर स्वाध्याय करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि अभिभावक संपर्क, समय का पालन एवं अनुशासन शिक्षा के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। शिक्षक के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर लोक शिक्षा समिति, बिहार के प्रतिनिधियों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कार्यशाला की सराहना की। कार्यक्रम में अध्यक्ष राम प्रकाश प्रसाद, उपाध्यक्ष विंदेश्वरी प्रसाद मंडल, सदस्य अनिल अग्रवाल, सह सचिव कर्नल दास, सदस्य ममता कुमारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यशाला में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही और कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
