बिहार

कर्मियों के कानों पर नहीं रेंगी जूं, आदेश के बावजूद पंचायत भवन में कोई नहीं बैठता, पड़ताल में हुआ खुलासा

अररिया, रंजीत ठाकुर  ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को किसी भी सरकारी काम के लिए जिला या प्रखंड मुख्यालय तक न जाना पड़े. इसको लेकर सरकार ने वर्षों पूर्व सभी पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण करवाया था। लेकिन,प्रशासनिक अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण यह व्यवस्था आज तक सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही है। मालूम हो कि यहां एक छत के हीं नीचे ग्रामीणों को सारी व्यवस्था मिलनी थी,लेकिन भरगामा प्रखंड के अधिकांश पंचायतों में इस भवन का वास्तविक उपयोग नहीं हो पा रहा है। कहीं-कहीं तो ये भवन देखरेख के अभाव में खंडहर होते जा रहा है।

सरकार ग्रामीणों की सुविधा लिए पंचायत में हीं जाति, आय, निवास,पेंशन,दाखिल,खारिज,प्रधानमंत्री आवास योजना,किसान सम्मान निधि योजना समेत अन्य योजनाओं के आवेदनों का निष्पादन कार्य के लिए कार्यालय बनाया है,ताकि लोगों को प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाना नहीं पड़े,लेकिन इसके विपरीत अभी भी ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय जाकर हीं कार्य कराने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत रहती है कि कर्मी पंचायत भवन व पंचायत सरकार भवन में नहीं बैठते हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर 27 मई सोमवार को भरगामा प्रखंड के खुटहा बैजनाथपुर पंचायत सरकार भवन की 12:07 बजे पड़ताल की गई तो यहां कोई भी कर्मी अपने ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे।

उक्त पंचायत सरकार भवन को देखने से ऐसा प्रतीत हुआ कि कई वर्षों से इस भवन का मरम्मत एवं रंग-रोगन का कार्य नहीं हुआ है जिस कारण भवन जर्जर होकर खंडहर होने के कगार पर पहुंच गया है। वहीं 12:53 बजे विषहरिया पंचायत भवन की पड़ताल की गई तो यहां भी कोई कर्मी मौजूद नहीं थे। इस भवन के दरवाजे और खिड़कियां भी गायब थी। भवन खंडहर में तब्दील होते नजर आया। वहीं 2:05 बजे शंकरपुर पंचायत सरकार भवन की पड़ताल की गई तो यहां कार्यपालक सहायक को छोड़कर अन्य सभी कर्मी गायब थे।

Advertisements
Ad 1

यहां मौजूद कार्यपालक सहायक रेणु कुमारी ने बताई कि आरटीपीएस कार्यालय में कम्प्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर, इंटरनेट,एक्सटेंशन वोर्ड,टेबल,कुर्सी,सीएफएल बल्व, पंखा,अलमीरा,रैक,रजिस्टर,गिलास तथा जग आदि की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके कारण आवेदनों का निष्पादन कार्य में काफी परेशानी होती है। इधर उक्त विषहरिया पंचायत, खुटहा बैजनाथपुर पंचायत,शंकरपुर पंचायत के मौजूद स्थानीय ग्रामीणों का कहना था कि उक्त पंचायत में पदस्थापित पंचायत सचिव,राजस्व कर्मचारी,डाटा एंट्री ऑपरेटर,आवास सहायक, विकास मित्र,कचहरी सचिव,पीआरएस,किसान सलाहकार,मुखिया,सरपंच समेत पंचायत स्तरीय कोई भी कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों पर किसी भी वरीय पदाधिकारी का आदेश का कोई असर नहीं दिखता है।

बताया कि इस पंचायत के लोगों को आवास सहायक, विकास मित्र,पंचायत सचिव,राजस्व कर्मचारी, पीआरएस, किसान सलाहकार से संबंधित कार्य के लिए प्रखंड व अंचल कार्यालय अथवा उनके आवास का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं इस संबंध में बीपीआरओ श्री कृष्ण नारायण प्रसाद ने बताया कि सभी पंचायत स्तरीय कर्मियों को पंचायत में बने पंचायत सरकार भवन व पंचायत भवन में रोस्टर के अनुसार ससमय बैठने का हिदायत दिया गया है। अगर बिना कोई सूचना के अपने ड्यूटी से कोई भी कर्मी गायब पाये जाते हैं तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

Related posts

पटना में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी, अपराध नियंत्रण को और सुदृढ़ करने के निर्देश

पत्नी संग पटना साहिब पहुंचे मंत्री दीपक प्रकाश, गुरु दरबार में लगाई हाजिरी

सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत बालिकाओं के लिए मॉक टेस्ट का सफल आयोजन

error: