अररिया, रंजीत ठाकुर : महिला संवाद कार्यक्रम का असर जिले के अब दूर-दराज इलाके में भी दिखने लगा है। जिसमें भारी संख्या में अब महिलाएं इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए घरों से निकल कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच रही हैं। साथ ही, यहां वो अपनी बातों को भी इस कार्यक्रम के माध्यम से रखने लगी हैं। उन्हें यह पता है कि महिला संवाद उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। यहां आने वाली महिलाएं अपनी बातों को काफी मजबूती से रखने लगी हैं। उन्हें यह उम्मीद दिखने लगी है कि यहां अपनी आकांक्षाओं को रखने पर उसकी जल्द सुनवाई होगी और उसका निराकरण भी होगा। यही वजह है कि अब महिलाएं कार्यक्रम में आकर अपनी बातों को प्राथमिकता से रखने लगी हैं।
जिले में महिला संवाद कार्यक्रम के 34वें दिन बुधवार को भी 36 स्थानों पर महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें 6500 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। बुधवार को हुए महिला संवाद कार्यक्रम में भी भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान करीब 1075 महिलाओं की आकांक्षाओं को अंकित किया गया। बता दें कि जिले में अब तक महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान 31539 आकांक्षाएं अंकित की जा चुकी हैं। सरकार की ओर से इस पर कार्रवाई भी की जा रही है। जिसकी वजह से इस कार्यक्रम की लोकप्रियता और भी बढ रही है।
आज के कार्यक्रम में महिलाओं ने विशेष रूप से लघु और कुटिर उद्योग स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि रोजगार एक बड़ी समस्या है। घर में एक व्यक्ति के कमाने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अगर सरकार लघु और कुटिर उद्योग को बढ़ावा देती है तो बहुत मदद मिलेगी। इसके तहत पापड, अचार, मोमबत्ती, अगरबत्ती, बल्ब, सिलाई आदि से जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। महिलाओं का कहना है कि इस प्रकार के व्यवसायों में महिलाएं हाथ बंटा सकती हैं। जिससे उनकी आमदनी बढ सकती है। इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
इसके अलावा भी महिलाओं ने कई प्रकार की आकांक्षाएं यथा राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, वृद्धा पेँशन की राशि बढ़ाने, नल-जल से पानी की सप्लाई नियमित रूप से करने जैसी कई आकांक्षाएं व्यक्त की। जिसकी एंट्री भी एप में की जा रही है।
