बिहार

स्वास्थ्य मेले में लोगों को मिली परिवार नियोजन सुविधा की जानकारी

कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के उपलक्ष्य में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 11 जुलाई से 31 जुलाई तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी सुविधाओं की जानकारी देते हुए इच्छुक दंपत्तियों को आवश्यक सुविधा का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। शनिवार को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरारी में बीडीओ किशोर कुणाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य मेला और विभिन्न विभागों के अभिसरण बैठक का आयोजन किया गया।

इस दौरान उपस्थित योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी विधियों की जानकारी देते हुए इसके लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान बीडीओ किशोर कुणाल के साथ प्रखंड प्रमुख, नगर पंचायत अधीक्षक, उपप्रमुख, मुखिया संघ अध्यक्ष, पंचायती राज पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, आईसीडीएस सीडीपीओ, कल्याण पदाधिकारी,ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड जीविका प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रशिक्षक, बीसीएम, पीएसआई इंडिया के जिला प्रबंधक शिल्पी सिंह, यूनिसेफ के एसएमसी चंद्रविभा, यूनिसेफ बीएमसी, स्वास्थ्य काउंसलर सहित प्रखंड के सभी आशा, आशा फेसिलेटर और परिवार नियोजन के लिए योग्य दंपत्ति उपलब्ध रहे।

इच्छुक दंपत्तियों को परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी सुविधा का दिया गया लाभ :

जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर आयोजित मेला में पहुंचे योग्य दंपति को अस्थाई विधि से के साथ साथ स्थायी विधि द्वारा परिवार नियोजन सुविधा का लाभ उठाने के लिए अस्पताल में उपलब्ध अलग-अलग तरह की सुविधाओं की जानकारी दी गई और इच्छुक दंपत्तियों को सुविधा के अनुसार परिवार नियोजन के अस्थायी सामग्री वितरण किया गया। इसमें लोगों को माला एन, सेंट्रोक्रोमों, अंतरा की सुई, कॉपर टी, ईजी पिल्स उपलब्ध करवाकर उपयोग करने की विधि बताई गई। इसके साथ ही आयोजन मेला में उपस्थित दंपति को स्थाई तौर पर परिवार नियोजन के लिए बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी करवाने के लिए भी प्रेरित किया गया। बीडीओ किशोर कुणाल ने उपस्थित लोगों को बताया कि परिवार नियोजन के लिए पुरुष नसबंदी आसान और सुलभ सुविधा है

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जिसका लाभ लेकर लोग आसानी से परिवार नियोजन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पुरूष नसबंदी कराने से लाभार्थियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3000 रुपये सहयोग राशि मिलने के साथ साथ अस्पताल से आसानी से छुट्टी मिल सकता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को परिवार नियोजन के लिए इसका लाभ उठाना चाहिए। स्वास्थ्य मेला में परिवार नियोजन को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए आशा, ममता, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका साथ बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर के परिवार नियोजन को लेकर अपने अपने कार्य क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने को लेकर बीडीओ द्वारा आवश्यक निर्देश दिया गया।

सरकारी अस्पताल से परिवार नियोजन का लाभ उठाने पर लाभर्थियों और उनके उत्प्रेरक को मिलता है सहयोग राशि :

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुशर्रफ ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी सुविधा का लाभ उठाने पर संबंधित लाभार्थियों के साथ साथ उनके उत्प्रेरक को सहयोग राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। अस्पताल में पुरूष नसबंदी कराने पर लाभार्थी को 3000 रुपया तथा उसके उत्प्रेरक को 400 रुपया सहयोग राशि के रूप में दिया जाता है। महिला बंध्याकरण कराने पर लाभार्थी को 2000 रुपया तथा उत्प्रेरक को 300 रुपया दिया जाता है।

अस्पताल में प्रसव उपरांत महिला बंध्याकरण कराने पर लाभार्थी को 3000 रुपया तथा उसके उत्प्रेरक को 400 रुपया सहयोग राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों के रूप में प्रसव या गर्भपात उपरांत कॉपर टी लगाने पर लाभार्थी को 300 रुपये तथा उत्प्रेरक को 150 रुपये तथा गर्भनिरोधक सुई अंतरा उपयोग करने पर लाभार्थी तथा उत्प्रेरक को 100 रु संगपये सहयोग राशि में रूप में उपलब्ध कराई जाती है। लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी के साथ साथ अस्थायी सुविधा का लाभ उठाते हुए माँ और बच्चे को स्वस्थ और सुरक्षित रखने का आवश्यक लाभ उठाना चाहिए।

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