बिहार

पटना के वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा के बड़े बेटे आयुष की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, मार्च निकाल इंसाफ दिलाने की मांग

फतुहा,पटना(अजीत यादव): पटना में आयुक्त कार्यालय में कार्यरत वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा को अपने बड़े बेटे 16 वर्षीय आयुष कुमार के नशे की लत छुड़ाने के लिए फुलवारी शरीफ के एक अस्पताल मानस रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराना महंगा पड़ गया।

नशे की लत छुड़ाने के चक्कर में अस्पताल में स्टाफ के द्वारा आयुष कुमार की पिटाई किए जाने के चलते उसकी मौत हो जाने का मामला फुलवारी शरीफ थाना में दर्ज कराने का आवेदन दिया गया है। इससे पहले मृतक आयुष कुमार के परिजन मानस अस्पताल के पास और पटना एम्स में पिटाई किए जाने के चलते ही आयुष की मौत हो जाने का आरोप लगाते हुए काफी देर तक हंगामा करते हुए नाराजगी का इजहार किया।

वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा ने मानस अस्पताल के स्टाफ के द्वारा पिटाई किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है । अस्पताल में इलाज के दौरान आयुष की पिटाई के चलते हैं उसकी मौत हो जाने का संगीन आरोप परिजन लगा रहे हैं।

पटना एम्स में पहुंचे मृतक के परिजन आयुष के डेड बॉडी को देख उसके शरीर पर मारपीट के गंभीर चोटों के निशान देख पुलिस से अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मानस अस्पताल के सीसीटीवी का डीवीआर जब किया है उधर फतवा में आयुष की मौत को लेकर समाजसेवी और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर प्रशासन से जल्द से जल्द इस मामले में दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई।

जानिए क्या है पूरा मामला-

पटना के वरीय उप समाहर्ता ने बताया कि 12 दिसंबर को शाम में 3 बजे के बाद मानस अस्पताल के संचालक डॉ संतोष कुमार ने कॉल करके बताया कि उनके बेटे आयुष की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। इसके बाद उसे इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

पटना एम्स में अपनी पत्नी और परिवार के लोगों के साथ पहुंचे वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा ने मानस अस्पताल के संचालक डॉ संतोष कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए फुलवारी शरीफ थाना पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह किया है।

बता दें कि इस मामले में वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा के आग्रह पर पटना के जिलाधिकारी के निर्देश पर पटना एम्स में डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड गठित कर आयुष का पोस्टमार्टम कराया गया इस मामले में फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष सफीर आलम ने बताया कि मृतक का फोटोग्राफ उन्होंने भी देखा है, मृतक के शरीर पर चोटों के निशान देखे गए हैं।

इस मामले में जांच की जा रही है फिलहाल मृतक के पिता ने अस्पताल में मारपीट किए जाने के चलते बेटे की मौत हो जाने का प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया है।

वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा ने बताया कि उनका बेटा मसूरी के एक बड़े स्कूल में पढ़ता था फिलहाल 11वीं क्लास में उसकी पढ़ाई चल रही थी 1 दिसंबर 2022 को आयुष अपने पिता के पास फतवा के पुरानी चौक स्थित घर पहुंचा था आयुष के पिता ने बताया कि उनका बेटा आयुष नशे का बुरी तरह शिकार हो चुका था गांजा सिगरेट आदि पीते हुए और उसके पास से मिलने पर आयुष को काफी समझाने बुझाने और नशे की लत छुडाने का प्रयास किया गया।

आयुष के द्वारा नशा का लत नहीं छोड़ने के बाद उसे फुलवारी शरीफ के मौर्य विहार कॉलोनी स्थित रोड नंबर 3 में 21 दिसंबर को मानस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। आयुष के पिता ने बताया कि जब अस्पताल में अपने बेटे से मिलने गए तो मिलने नहीं दिया गया।

बाद में जब वह अपने बेटे से अस्पताल में मिले तो उसने अस्पताल के स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाते हुए यहां से घर ले चलने का आग्रह किया। आयुष ने अपने पिता को यह भी बताया था कि अस्पताल में सुधारने के दौरान सीसीटीवी कैमरा ऑफ करक अस्पताल वाले मारपीट करते हैं।

अस्पताल के स्टाफ के द्वारा मारपीट किए जाने से उसे पेट और अन्य जगह पर चोट लगी थी। आयुष के पिता सूरज कुमार सिन्हा ने इसकी शिकायत अस्पताल के संचालक डॉ संतोष कुमार से किया लेकिन उन्होंने मारपीट से इनकार करते हुए कहा कि आगे से ऐसी शिकायत नहीं मिलेगी।

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गया सदर के पूर्व एसडीएम सह पटना प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में वरीय उप समाहर्ता सूरज कुमार सिन्हा के बड़े पुत्र आयुष की मौत पटना एम्स में इलाज के दौरान हो गई। इस दौरान मृतक के पिता सूरज सिन्हा ने फुलवारी शरीफ थाना में आवेदन देकर एक निजी हॉस्पिटल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.

मृतक के पिता सूरज सिन्हा ने बताया कि बेटे के साथ हुई मारपीट को लेकर निजी अस्पताल के संचालक संतोष से उन्होंने बात की तो उनकी शिकायत का वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और बहानेबाजी करने लगे .मारपीट के मामले को छुपाने के लिए उन्हें कई दिन तक अपने बीमार बेटे से मिलने नहीं दिया गया था.

यानी अस्पताल के कर्मी की मारपीट और इलाज में लापरवाही की वजह से ही उनके बेटे की मौत हुई है इसलिए उन्हौने थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने का आवेदन फुलवारी शरीफथाना में दिया है. इसके साथ ही उन्होंने इसकी सूचना पटना के डीएम को देते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए निवेदन किया है।

वही बड़े अधिकारी के बड़े पुत्र के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद परिवार वाले उस घड़ी को कोस रहे हैं जब नशे की लत छुड़ाने के लिए बेटे को रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराया था मृतक के परिवार वालों में रोना पीटना मचा है

मृतक आयुष अपने पिता सूरज कुमार सिन्हा मां निर्मला देवी का काफी दुलारा था दो भाई में बड़ा होने के चलते परिवार में काफी लाड प्यार से उसकी परवरिश हुई थी मृतक आयुष का छोटा भाई अंश अपने भाई की अचानक मौत से स्तब्ध है।

मृतक के परिवार वालों का कहना है कि इतने बड़े अधिकारी के बेटे के साथ अस्पताल में इस तरह बर्ताव किया गया तो हम लोगों के बच्चों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता होगा।

इस पूरे मामले में मानस अस्पताल के संचालक डॉ संतोष कुमार के मोबाइल पर बातचीत का प्रयास नहीं हो पाया। डॉक्टर संतोष कुमार का मोबाइल पर कॉल लगाने पर अस्पताल के कंपाउंडर सुजीत कुमार ने रिसीव किया और कहा कि अस्पताल में आयुष कुमार की पिटाई नहीं हुई है।

यहां अस्पताल में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। यह भी बताया कि आयुष कुमार को नशे की लत छुड़ाने के लिए भर्ती कराया गया था। गुरुवार को आयुष को अचानक उल्टी हुआ और तबीयत ज्यादा खराब हो जाने पर पटना एम्स में भर्ती कराया गया था।

फतुहा के लोग एसडीएम सुरज सिन्हा के बेटे आयुष की मौत से गमगीन, नाराज लोगो ने फतुहा में कैंडल मार्च निकाल इंसाफ दिलाने की मांग की-

आयुष की पिटाई से मौत हुई ऐसे में अस्पताल वाले के खिलाफ हत्या का एफ आई आर दर्ज कराने की मांग उठी

शहर के पुरानी चौक निवासी एसडीएम सूरज सिन्हा के पुत्र आयुष की पटना के फुलबारी शरीफ नशा सुधार केन्द्र (मानस हॉस्पीटल)में हुए संदिग्ध मौत के विरोध में शनिवार की शाम फतुहा में कैडिंल मार्च निकाला गया।

लोगों ने मानस हॉस्पीटल के डा०संतोष एंव उन्के अन्य क्रमी पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर दोषियों पर कार्यवाई की मांग की है। इस संबध में पीड़ित एसडीएम सूरज सिन्हा ने अस्पताल प्रबंधक और चिकित्सक के खिलाफ फुलवारी शरीफ थाना में मामला दर्ज कराया है।

फतुहा।शहर के पुरानी चौक निवासी एसडीएम सूरज सिन्हा के पुत्र आयुष की पटना के फुलबारी शरीफ नशा सुधार केन्द्र (मानस हॉस्पीटल)में हुए संदिग्ध मौत के विरोध में शनिवार की शाम फतुहा में कैडिंल मार्च निकाला गया। लोगों ने मानस हॉस्पीटल के डा०संतोष एंव उन्के अन्य क्रमी पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर दोषियों पर कार्यवाई की मांग की है।

इस संबध में पीड़ित एसडीएम सूरज सिन्हा ने अस्पताल प्रबंधक और चिकित्सक के खिलाफ फुलवारी शरीफ थाना में मामला दर्ज कराया है।

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