बिहार

वकील अब फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे!

अररिया, न्यूज क्राइम 24। फारबिसगंज अनुमंडल बनने के 15 बर्षो के बाद भी अनुमंडलीय न्यायालय प्रारंभ नहीं होने से मुवक्किल व न्याय दिलाने वाले अधिवक्तागण त्राहिमाम के हालात से गुजर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कहा फारबिसगंज अनुमंडल का स्थापना 1990- 1991 में राज्य सरकार के द्वारा किया गया। वर्ष 2006 में एक जनहित याचिका पीआईएल सी डब्लूजेसी नं 11351/2006 माननीय उच्च न्यायालय में दाखिल किया गया। माननीय न्यायालय के द्वारा सिविल कोर्ट के स्थापना कार्यारम्भ के लिए क्रमांक 05 पर फारबिसगंज को चिन्हित किया गया। लगभग15 वर्षो के बाद भी फारबिसगंज में सिविल कोर्ट का कार्यारम्भ नहीं हो पाया है।

बताते हैं की राज्य सरकार के द्वारा लगभग 30 करोड़ के अधिक राशि से कोर्ट रूम एवं अन्य आवश्यक भवन का निर्माण कराया गया है। जो पूरी तरह तैयार है। सिविल कोर्ट फारबिसगंज के कार्रम्भ में हो रहे विलंब को लेकर सरकार एवं माननीय उच्य न्यायालय पटना का ध्यान इस और आकृष्ट करवाने हेतु आगामी दिनांक 20 सिंतबर 2023 दिन बुधवार को एक दिवसीय धरना कार्यक्रम अनुमंडल कार्यालय परिसर में करने का निर्णय लिया गया है।

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कार्यक्रम के संबंध में उभय संघ के पदाधिकारी के द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता को भी सूचना देने का निर्णय लिया गया है। संपन्न बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता संघर्ष समति के संयोजक सुमन कुमार मिश्र के द्वारा किया गया। बैठक में उपस्थित अनुमंडल फारबिसगंज में कार्यरत वकीलों ने हिस्सा लिया एवं चरणबद्ध आंदोलन को हीं अब एकमात्र विकल्प बताते हुए जनप्रतिनिधियों की चुप्पी की भी चर्चा की।

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