बिहार

प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान में एचडब्ल्यूसी की भूमिका महत्वपूर्ण

अररिया, रंजीत ठाकुर। जिले में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर लोगों को रोग के संभावित कारण, इसके प्रारंभिक लक्षण व उपचार संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जागरूकता संबंधी विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत परसाहाट एचडब्ल्यूसी में कैंसर जागरूकता संबंधी विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में भाग लेते हुए सदर अस्पताल अररिया में संचालित कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर में कार्यरत होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर मुजफ्फरपुर की चिकित्सक डॉ साइन व डॉ मैत्री ने स्थानीय लोगों को कैंसर के खतरों के प्रति जागरूक करते हुए एचडब्ल्यूसी में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी व संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान संबंधी जानकारी दी।

स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया जरूरी प्रशिक्षण
जागरूकता शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्थानीय लोगों को रोग के संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया गया। वहीं एचडब्ल्यूसी में कार्यरत सीएचओ, जीएनएम, एएनएम व क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान के लिये जरूरी प्रशिक्षण दिया गया। कैंसर के विभिन्न मामलों की स्क्रीनिंग संबंधी जानकारी दी गयी। स्थानीय ग्रामीणों के बीच जागरूकता संबंधी पंपलैट आदि का वितरण किया गया। इस क्रम में कैंसर के तीन संभावित मरीजों को चिह्नित किया गया।

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कैंसर की रोक-थाम में एचडब्ल्यूसी की भूमिका महत्वपूर्ण
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर मुज्जफरपुर के चिकित्सक डॉ साइना ने बताया कि जागरूकता शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों को स्तन कैंसर, मुंह के कैंसर व सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए इसके स्क्रीनिंग से संबंधी जरूरी प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि समय पर रोग की पहचान, उचित जांच व उपचार से कैंसर की बीमारी से पूर्णत: निजात पाया जा सकता है।

लिहाजा रोग के संभावित खतरों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है। डॉ मैत्री ने बताया कि जानकारी का अभाव व जागरूकता की कमी के कारण कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कैंसर के मामलों में समय पर रोग की पहचान व उपचार जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान में जिले में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इसे लेकर संबंधित कर्मियों को विशेष रूप प्रशिक्षित किया जा रहा है।

जागरूकता से बहुत हद तक रोग से बचाव संभव
जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कैंसर के कारण, इसकी रोकथाम व उपचार संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के लिये विभागीय स्तर से जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। महज जागरूक होकर कैंसर के खतरों से बहुत हद तक बचाव संभव है। कैंसर के मामलों में प्रारंभिक अवस्था में रोक की पहचान जरूरी होता है। लिहाजा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कर्मियों को इसे लेकर खासतौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान संभव हो सके। और कैंसर के कारण जान-माल की होने वाली क्षति को कम किया जा सके।

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