बिहार

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम- जिले में नाइट ब्लड सर्वे अभियान शुरू


अररिया, रंजीत ठाकुर। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम प्री-ट्रांसमिशन फेज में पहुंच चुका है। इसके सत्यापन को लेकर नाइट ब्लड सर्वे अभियान जिले में 23 नवंबर यानी बीते गुरुवार से शुरू हुआ। अभियान के पहले दिन सभी प्रखंडों के चिह्नित साइटों पर लोगों के रक्त नमूने संग्रह किये गये। रक्त नमूना संग्रह करने का कार्य सभी साइटों पर रात साढ़े आठ बजे से शुरू होकर बारह बजे तक संचालित किया गया। इसमें 20 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के रक्त नमूनों का संग्रह जरूरी जांच के लिये किया गया। रक्त नमूनों की जांच कर इसमें मौजूद फाइलेरिया परजीवी की मौजूदगी का पता लगाया जायेगा। ताकि फाइलेरिया के संभावित रोगियों को चिह्नित किया जा सके। इसे लेकर संबंधित कर्मियों को खासतौर पर प्रशिक्षित किया गया है।

जिले में बनाये गये कुल 33 साइट-

नाइट ब्लड सर्वे अभियान की सफलता के लिये जिले में कुल 33 साइट बनाये गये हैं। इसमें अररिया व फारबिसगंज शहरी क्षेत्र में तीन-तीन साइट सहित सभी प्रखंडों में तीन-तीन चिह्नित स्थानों पर साइट निर्धारित किया गया है। सभी साइट पर कुल 300 लोगों का रक्त नमूना जरूरी जांच के लिये संग्रह किया जाना है। लिहाजा अभियान के क्रम में कुल 9900 लोगों के रक्त नमूनों की जांच की जानी है। गौरतलब है कि अररिया शहरी क्षेत्र में वार्ड संख्या 7 स्टेशन रोड, वार्ड नंबर 8 ओमनगर, वार्ड नंबर 11 खरैया बस्ती में साइट निर्धारित है। वहीं फारबिसगंज शहरी क्षेत्र के वार्ड संख्या 22, रामपुर उत्तर व कटहरा में साइट निर्धारित है। अभियान की सफलता को लेकर स्थानीय स्तर पर सघन जागरूकता अभियान संचालित करते हुए लोगों को जांच के लिये प्रेरित किया जा रहा है। इस कार्य में स्थानीय आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य की मदद ली जा रही है।

Advertisements
Ad 1

एनबीएस फाइलेरिया परजीवी का पता लगाने का प्रभावी जरिया-


जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया परजीवी का पता लगाने के लिये नाइट ब्लड सर्वे सबसे प्रभावी तरीका है। रात में जांच के लिये ब्लड सैंपल लेने की मुख्य वजह ये है कि रात के समय में शरीर में फाइलेरिया के परजीवी ज्यादा एक्टिव होते हैं। उन्होंने कहा कि ब्लड सैंपल कलेक्शन के 24 घंटें के अंदर स्टैनिंग की प्रक्रिया संपन्न करायी जानी है। ताकि जांच का सटीक नतीजा सामने आ सके। जांच के क्रम में डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि जिले में नाइट ब्लड सर्वे का ये चरण अगर पूर्व की तरह सफल साबित हुआ तो हम फाइलेरिया मुक्त जिला होने के लक्ष्य के बेहद करीब होंगे।

Related posts

बिहार में डिजिटल क्रांति की ओर बड़ा कदम : बिहटा में ₹50.75 करोड़ का न्यू मीडिया और डेटा हब बनेगा

साम्प्रदायिक शक्तियों के सामने लालू जी नहीं झूके तो उनका बेटा तेजस्वी को भी कोई नहीं झुका सकता है : तेजस्वी प्रसाद यादव

सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

error: