बिहार

बिहार में मौसम की दोहरी मार, आज से ठंड में और तेजी से होगी बढ़ोतरी

पटना, अजीत। आधा जनवरी बीतने के बाद भी ठंड के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. ठंड लगातार बढ़ती जा रही है, बुधवार का दिन सीजन में पिछले 10 सालों में सबसे सर्द रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि 19 जनवरी यानी आज से तेजी से पछुआ और उत्तर सर्द पशु हवा चलेगी जिससे ठंड में और तेजी से बढ़ोतरी होगी। इस समय दिन और रात बहुत सर्द चल रहे हैं, जिस कारण से राहत नहीं मिल रही है. धूप के भी दर्शन नहीं हुए. राजधानी पटना समेत बिहार के अधिकांश जिलों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, ऐसे में मौसम विभाग ने ठंड के बीच बारिश का अनुमान जारी किया है.

कई जिलों में बारिश हो सकती है जिससे बिहार के लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है. सर्द पछुआ हवा के कारण पटना समेत प्रदेश के अधिकांश भाग कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे हैं। प्रदेश भर में घना कोहरा भी छा रहा है लिहाजा मौसम विभाग ने एकबार फिर अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग की माने तो बिहार में 26 जनवरी के आसपास एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। इसकी वजह से बिहार में 26 या 27 जनवरी को बिहार के कई जिलों में बारिश हो सकती है। इससे ठंड बढ़ेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र की माने तो 21 जनवरी यानी अगले 4 दिनों तक भीषण ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है। इस दौरान घना कोहरा और कोल्ड-डे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पटना सहित अधिकांश भागों में जम्मू जैसे हालात हो गए हैं। बुधवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 8 डिग्री गिरावट के साथ 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कश्मीर की हवा से बढ़ी ठंड के चलते गोपालगंज में बुधवार और गुरुवार को सुबह के समय कोहरा नहीं रहा लेकिन, लोगों के हाथ-पैर सुन्न रहे. कड़ाके की ठंड के बीच लोग दिन और रात गुजर रहे हैं. गर्म कपड़ों में भी सर्दी से राहत नहीं मिल रही है. ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहे. वहीं जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग खुद को गर्म कपड़ों में लपेटकर निकल रहे हैं.

यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बुधवार का दिन पिछले 10 सालों में सबसे सर्द रहा है. पारा गिरता हुआ 14 डिग्री पर पहुंचा है. इस सीजन में पहली बार इतना कम तापमान दर्ज किया गया है. न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री रहा, लेकिन सर्दी का एहसास 5 डिग्री से कम वाला था. मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि अभी जेट स्ट्रीम (पृथ्वी की ऊपरी सतह पर चलने वाली तेज हवाएं ) हवाओं से 20 जनवरी तक ठंड का असर बना रहेगा.

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बिहार अब इस साल सर्दियों में कोल्ड वेव का दंश झेल रहा है. जमा देने वाली ठंड और दिन में पारे को सतह पर ला देने वाले कोहरे का दौर पिछले छह दिनों से जारी है. फिलहाल शीतलहर का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा है, इसके आगे भी जारी रहने का पूर्वानुमान है. कोहरे की वजह से राज्य में शायद ही कोई ऐसा जिला हो, जो अब तक कोल्ड डे की स्थिति में न पहुंचा हो. जमा देने वाली ठंड और दिन में पारे को सतह पर ला देने वाले कोहरे का दौर पिछले 6 दिनों से जारी है। फिलहाल शीतलहर का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा है। इसके आगे भी जारी रहने का पूर्वानुमान है।

राज्य में वर्ष 2018 के बाद लगातार कोल्ड डे की स्थिति बन रही है। कोल्ड डे/ कोल्ड वेव जैसी परिस्थितियों के बने रहने की वजह नहीं छंटने वाला कोहरा है. इसकी एक मजबूत परत सतह से एक से दो किलोमीटर ऊपर छायी हुई है. कोहरे में धूल के कण भी समाहित हैं. इसकी वजह से धूप धरातल पर नहीं आ पा रही है. लिहाजा पारा समान्य से काफी नीचे चले आने से कोल्ड डे की स्थिति राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बन रही है. सामान्य तौर पर दिसंबर से जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से शीतकालीन बारिश हो जाती थी. इसकी वजह से आसमान साफ हो जाता था. इस बार ऐसा नहीं देखा जा रहा है।

इधर, IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 22 जनवरी तक ठंड पड़ते रहने की आशंका है। राज्य के उत्तरी बिहार में कुछ स्थानों पर घना कोहरा और दक्षिणी बिहार में अगले 3 से 4 दिनों तक मध्यम से घना कोहरा छाये रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना से मिली जानकारी के मुताबिक 18 जनवरी को जारी बुलेटिन में बताया गया कि जनवरी की शुरुआती दिनों से सर्दी एवं अधिसंख्य जिलों में कोहरा से अति घना कोर बीच-बीच में छाया रहा। धुंध के इस घने आवरण से सूरज की किरणों नाकारते हुए दिन के तापमान में भारी गिरावट ला दी है जिससे प्रदेश के अनेक भागों में शीत दिवस और भीषण दिवस की स्थिति बनी। पिछले 4 से 5 दिनों से बनी हुई है। शीत दिवस वाले प्रमुख जिला छपरा फारबिसगंज मोतिहारी गोपालगंज एवं गया जिले आदि रहे।

भयंकर ठंड के बीच दक्षिण बिहार के एक दो जगह पर हल्की वर्षा हुई है। सबसे अधिक वर्षा जमुई जिले में 3 मिलीमीटर हुई है। अभी तक जितने भी पश्चिम आए हैं इसकी तीव्रता अधिक नहीं थी। यह हल्की बराबरी पर्वतीय इलाकों में देकर गुजर जाती थी पश्चिम विक्षोभ गुजर जाने के बाद हवा कमजोर होना नमी बढ़ जाना एवं तापमान में कमी होने के लक्षण होता है। ज्यादा नमी कम तापमान कम हवा के तीन कारक कोहरा बनने का मुख्य कारण है। आज के प्राप्त न्यूमेरिकल मॉडल से यह संकेत मिल रहे हैं कि निचले छोभ मंडल में दिनांक 19 जनवरी से पुनः ठंडी पछुआ एवं उत्तर पछुआ हवा जारी रहने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊपर 140 से 160 नॉट कर्म की जेट हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर कायम है । परिणाम स्वरुप अगले तीन दिनों तक बिहार राज्य के एक या दो स्थानों में शीत दिवस एवं कोहरा रहने का पूर्वानुमान है ।

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