बिहार

कानूनी जानकारी से ही संभव है न्याय तक पहुंच : एडवोकेट राहुल रंजन

जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के तत्वावधान में रविवार को फारबिसगंज प्रखंड के खबासपुर पंचायत सरकार भवन में एक व्यापक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीणों को उनके अधिकारों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष गुंजन पाण्डेय एवं सचिव रोहित कुमार श्रीवास्तव के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों और कानूनी उपचारों के प्रति सचेत करना था। शिविर को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने बाल विवाह उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा कि यह न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि कानूनन अपराध भी है।

उन्होंने लोक अदालत के महत्व को समझाते हुए बताया कि कैसे ग्रामीण बिना किसी खर्च के अपने पुराने विवादों का निपटारा कर सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2000 के अंतर्गत धारा 63 के तहत स्थापित बाल देखभाल संस्थाओं की भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डाला गया। पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने बताया कि इस अधिनियम के माध्यम से असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण, शिक्षा एवं पुनर्वास की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित वर्ष 2025-26 की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई।

ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में (संवाद) योजना, 2025 के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इसके अंतर्गत आम जनता को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान हेतु जागरूक किया गया पैनल एडवोकेट श्री राहुल रंजन ने DAWN योजना के माध्यम से नशा मुक्त भारत अभियान पर जोर देते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। साथ ही JAGRITI योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता एवं कानूनी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इस अवसर पर आगामी (09 मई 2026) के आयोजन की जानकारी भी दी गई।

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एवं नालसा योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले सभी योजनाओं से ग्रामीण जनों को अवगत करवाया, इसके साथ ही लोगों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से वे अपने छोटे-छोटे मामलों का त्वरित एवं नि:शुल्क निपटारा करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त मध्यस्थता अभियान 2.0 के तहत आपसी विवादों को समझौते के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें तथा सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएँ। इस कार्यक्रम में
स्तर पर विधिक सहायता केंद्र की उपयोगिता बताई। साथ ही शिविर में सरकारी योजनाओं के समावेशन पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकारों और नालसा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देना था। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे और पीड़ितों को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके। बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ दंगे, औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी मानव-निर्मित आपदाओं के शिकार लोग भी इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

पैनल अधिवक्ता श्री राहुल रंजन ने कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों को नालसा योजना के तहत आपदा पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सलाह, आवश्यक मामलों में न्यायालय में कानूनी प्रतिनिधित्व तथा पुनर्वास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना विशेष रूप से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के न्याय प्राप्त कर सकें। इस मौक़े पर मुख्य रूप से रेखा देवी (मुखिया) कपिलदेव सदा, (सरपंच) ब्रह्मानंद विश्वास, (मुखिया प्रतिनिधि), पीएलवी मो इनाम आलम, खुशबू देवी, प्रियंका देवी, वार्ड पार्षद संतोष साह,सीएम जीविका, धर्मजीत झा, उपेंद्र ऋषिदेव, सुमित्रा देवी सहित दर्जनों की संख्या में पंचायत के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद थे।

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