बिहार

जिले में वर्ष 2026 में जनवरी से अप्रैल तक चिन्हित 04 मलेरिया मरीजों को किया गया सुरक्षित : डॉ आर पी मंडल

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) राज्य में एनसीवीबीडीसी के निर्देशानुसार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जायेगा. राज्य मलेरिया कार्यालय द्वारा सभी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को अपने-अपने जिले में मलेरिया दिवस आयोजित करने का निर्देश दिया है. विश्व मलेरिया दिवस पर इस वर्ष “ड्रिवेन टू एंड मलेरिया: नाउ वी कैन. नाउ वी मस्ट.” को थीम के रूप में चुना गया है.

वर्ष 2030 तक राज्य बिहार मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को कर सकेगा हासिल :

राज्य मलेरिया कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2030 तक देश से मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बिहार इस दिशा में निरंतर प्रयास करते हुए लक्ष्य के करीब पहुँच चुका है. अब राज्य के सभी 38 जिलों में 1000 की जनसंख्या पर एक से कम मलेरिया के मरीज मिलने लगे हैं. यह इस बात की पुष्टि करता है कि बिहार मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को निर्धारित समय में हासिल कर लेगा.

व्यापक स्तर पर फैलाई जाएगी जागरूकता :

राज्य के अंदर मलेरिया को 2027 तक कैटेगरी 1 से कैटेगरी जीरो की निर्धारित श्रेणी के बीच लाया जाएगा. ज्ञात हो कि 2022 में राज्य ने मलेरिया संक्रमण को कम करते हुए कैटेगरी 2 से कैटेगरी 1 में छलांग लगायी थी. राज्य की इस बेहतरी पर पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने सर्टिफिकेट आफ एप्रीसिएशन भी प्राप्त किया था. राज्य मलेरिया कार्यालय के द्वारा राज्य के अंतर्गत इस वर्ष भी मलेरिया दिवस का आयोजन किया जाएगा. निर्देशित है कि जिला स्तर पर वाल पेंटिंग और समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा.

यह हैं मलेरिया प्रभावित जिले :

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बिहार राज्य में सात जिला मलेरिया चिन्हित हैं यथा, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और मुंगेर.

जिले में वर्ष 2026 में जनवरी से अप्रैल तक चिन्हित 04 मलेरिया मरीजों को किया गया सुरक्षित : डॉ आर पी मंडल

जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल ने बताया कि वर्ष 2026 में पूर्णिया जिले में 04 मलेरिया ग्रसित मरीजों की पहचान करते हुए आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित किया गया है। इसमें 01 मरीज के. नगर प्रखंड से, 01 मरीज बायसी प्रखंड से और 02 मरीज पूर्णिया पूर्व शहरी क्षेत्र से चिन्हित किए गए थे जिसे स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उपचार सुविधा उपलब्ध कराते हुए स्वस्थ्य किया गया है। लोगों को जागरूक रहते हुए क्षेत्र में मलेरिया का उपचार समय पर नजदीकी अस्पताल में कराते हुए सुरक्षित रहना चाहिए।

लगातार 72 घंटे तक बुखार का आना मलेरिया ग्रसित होने के हैं लक्षण :

भीडीसीओ रवि नंदन सिंह ने बताया कि ग्रसित लोगों को लगातार कपकपी के साथ 24 घंटे पर, 48 घंटे पर और 72 घंटे पर बुखार का आना, शरीर में पसीना छुटना ग्रसित व्यक्ति के मलेरिया ग्रसित होने के लक्षण हैं। मलेरिया बीमारी लोगों को मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। ऐसा लक्षण दिखाई देने पर लोगों को नजदीकी अस्पताल में जांच कराते हुए उपचार सुविधा का लाभ उठाना चाहिए। इससे ग्रसित व्यक्ति बहुत जल्द सुरक्षित होते हुए स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं।

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